

Durban लौटे 32 वर्षीय सिप्हो ड्लामिनी ने बताया कि उन्हें रूस में बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। उनके अनुसार, उन्हें अपने कपड़े, दस्तावेज़ और पारिवारिक तस्वीरें तक जलाने के लिए मजबूर किया गया। ड्लामिनी उन कई दक्षिण अफ्रीकी युवकों में शामिल हैं जिन्हें कथित तौर पर झूठे वादों के साथ Russia ले जाकर Ukraine युद्ध के मोर्चे पर भेज दिया गया।
पिछले साल नवंबर में खुलासा हुआ था कि 20 से 39 वर्ष के कई युवकों को सुरक्षा प्रशिक्षण के नाम पर रूस भेजा गया था, लेकिन बाद में उन्हें एक अर्धसैनिक समूह में शामिल कर युद्ध में उतार दिया गया।
इस विवाद के केंद्र में Duduzile Zuma-Sambudla हैं, जो दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति Jacob Zuma की बेटी हैं। भर्ती प्रकरण में नाम आने के बाद उन्होंने दिसंबर में सांसद पद से इस्तीफा दे दिया और पुलिस ने जांच शुरू की।
रिपोर्ट के अनुसार, अधिकतर युवक Nkandla क्षेत्र से थे। बाद में Cyril Ramaphosa ने Vladimir Putin से बातचीत कर उनकी स्वदेश वापसी सुनिश्चित कराई।
परिवारों का आरोप है कि भर्ती कराने वालों को Wagner Group से लगभग 14 मिलियन रैंड (करीब 8.45 लाख डॉलर) मिले थे। हालांकि ज़ुमा-सांबुदला ने पुलिस को दिए बयान में खुद को भी इस मामले में ठगा गया व्यक्ति बताया है।
यह मामला सामने आने के बाद uMkhonto weSizwe Party ने खुद को इस विवाद से अलग कर लिया, जबकि कई परिवार अब भी संभावित कानूनी कार्रवाई और बदले की आशंका से डरे हुए हैं।