लेह : लद्दाख में हाल ही में हुई हिंसा के बाद पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। बताया जाता है कि वांगचुक को लेह पुलिस ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत गिरफ्तार किया है। इस बीच लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने कहा कि स्थिति में सुधार हुआ है और जल्द ही सब कुछ सामान्य होने की उम्मीद है। लेह के शैक्षणिक संस्थान अस्थायी रूप से बंद हैं और धारा 163 लागू की गयी है।
डीजीपी के नेतृत्व में पुलिस दल ने किया गिरफ्तार
गौरतलब है कि वांगचुक पर लद्दाख को छठी अनुसूची में शामिल करने और पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर अपनी भूख हड़ताल के दौरान भड़काऊ बयानों के जरिये लोगों को भड़काने का आरोप है। कुछ दिन पहले ही लद्दाख में हिंसक विरोध प्रदर्शनों में चार लोगों की मौत हो गयी थी और 90 से ज्यादा लोग घायल हो गये थे। अधिकारियों ने बताया कि लद्दाख के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एस डी सिंह जामवाल के नेतृत्व में पुलिस दल ने अपराह्न 2.30 बजे वांगचुक को हिरासत में लिया। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हिंसा का कारण बने उकसावे के लिए वांगचुक को जिम्मेदार ठहराया है हालांकि वांगचुक पर लगाये गये आरोपों के बारे में अभी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है।
एसईसीएमओएल का एफसीआरए लाइसेंस रद्द चुका केंद्र
इससे पहले गृह मंत्रालय ने गुरुवार को वांगचुक की संस्था स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (एसईसीएमओएल) के एफसीआरए लाइसेंस को रद्द कर दिया था। वांगचुक ‘लेह एपेक्स बॉडी’ (एलएबी) के वरिष्ठ सदस्य हैं। एलएबी, कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) के साथ मिलकर पिछले पांच सालों से इन मांगों के समर्थन में आंदोलन चला रहा है। हालांकि मांगों के समर्थन में भूख हड़ताल का नेतृत्व कर रहे वांगचुक ने इन आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने हिंसा की निंदा की और हिंसा के बाद दो हफ्ते से चल रहा अपना अनशन भी समाप्त कर दिया था।