सोनागाछी: SIR को लेकर विशेष 'हियरिंग कैंप' का आश्वासन अधूरा !

तारीख बढ़ने से यौनकर्मियों में बढ़ी चिंता
Sonagachi: Assurance of special 'hearing camp' for SIR remains incomplete!
साकंतिक फोटो
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : एशिया के सबसे बड़े रेड लाइट एरिया सोनागाछी की हजारों यौनकर्मियों के बीच मतदाता सूची के गहन संशोधन प्रक्रिया (SIR) को लेकर फैले डर और अनिश्चितता के बीच, राज्य चुनाव आयोग द्वारा दिया गया विशेष 'हियरिंग कैंप' का आश्वासन अब तक पूरा नहीं हो पाया है। आयोग ने 2 और 3 दिसंबर को सोनागाछी और अन्य यौनपल्लियों में कैंप आयोजित करने या उसकी जानकारी देने की बात कही थी, लेकिन यह कार्यान्वित नहीं हुआ, जिससे पूरे इलाके में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है।

SIR की अवधि बढ़ने से बदली योजना !

श्यामपुकुर क्षेत्र के सहायक इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (AE-RO) विश्वनाथ प्रधान ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि SIR प्रक्रिया की अवधि में सात दिन की बढ़ोतरी की गई है। इस बदलाव के कारण, यह संभावना है कि विशेष कैंप की व्यवस्था पर अब नए सिरे से विचार किया जा रहा है। AE-RO प्रधान ने पुष्टि की, "हमें 2 दिसंबर को कैंप से संबंधित कागजी जानकारी प्राप्त होनी थी, लेकिन हमें कोई जानकारी नहीं मिली।"

उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि राज्य चुनाव आयोग से उन्हें जो निर्देश मिले हैं, उसके अनुसार:

  1. सभी यौनकर्मियों से कहा गया है कि वे अपने पास उपलब्ध सभी दस्तावेज अपने संबंधित संगठनों के पास जमा करा दें।

  2. सबसे महत्वपूर्ण यह है कि जिनके पास कोई दस्तावेज नहीं है, वे भी अपनी पूरी जानकारी दें, ताकि भविष्य में इस डेटा के आधार पर विशेष हियरिंग कैंप की व्यवस्था की जा सके।

संगठन ने दूर करने को कहा भ्रम

यौनकर्मियों और उनके बच्चों के लिए काम करने वाले प्रमुख संगठन 'दुर्बार महिला समन्वय समिति' की विशाखा लश्कर ने आयोग की इस लेटलतीफी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कैंप को लेकर संगठन और सदस्यों के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

लश्कर ने बताया कि उनकी सदस्यों ने SIR के तहत अपने दस्तावेज जमा किए हैं, और उन्हें यह भी सूचित किया गया है कि जिनके दस्तावेज पूरे नहीं हैं या हैं ही नहीं, उन्हें सुनवाई (हियरिंग) के लिए बुलाया जाएगा।

विशाखा लश्कर ने चुनाव आयोग से जोरदार अपील की है कि वह इस भ्रम की स्थिति को जल्द से जल्द दूर करे और यौनकर्मियों को दिए गए आश्वासन को पूरी तरह से निभाए। उनका कहना है कि दस्तावेजों की कमी और SIR को लेकर कानूनी जटिलताओं के डर से पहले से ही तनाव में जी रहीं यौनकर्मियों को आयोग की तरफ से निश्चितता और सहयोग की आवश्यकता है।

चूंकि मतदाता सूची का गहन संशोधन प्रक्रिया चल रही है, इसलिए जल्द ही विशेष कैंप का आयोजन न होने से हजारों यौनकर्मियों के मतदाता पहचान पत्र (Voter ID) पर खतरा मंडरा रहा है।

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