

नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तीसरे चरण की शुरुआत कर दी है। आयोग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो।
चुनाव आयोग के मुताबिक ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर में 30 मई से गणना चरण शुरू हो गया है। जिन मतदाताओं के एन्यूमरेशन फॉर्म 28 जून 2026 तक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) के पास पहुंच जाएंगे, उनके नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे।
अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं को एन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध करा रहे हैं। मतदाता फॉर्म भरकर BLO को सौंप सकते हैं या ऑनलाइन भी जमा कर सकते हैं। आयोग ने अधिकतम कवरेज सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक घर तक पहुंचने का निर्देश दिया है।
पहली बार वोटर बनने वाले पात्र नागरिकों को भी इस अभियान में शामिल किया जाएगा। इसके लिए BLO अपने साथ फॉर्म-6 और घोषणा पत्र लेकर चल रहे हैं, ताकि नए मतदाता मौके पर ही आवेदन कर सकें और मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वा सकें।
चुनाव आयोग ने इस प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की भागीदारी बढ़ाने का फैसला किया है। मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA) प्रतिदिन 50 तक फॉर्म एकत्र कर BLO को सौंप सकेंगे। आयोग का मानना है कि इससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।
आंकड़ों के अनुसार ओडिशा में 3.34 करोड़ से अधिक, मणिपुर में 20.92 लाख, मिजोरम में 8.75 लाख और सिक्किम में 4.71 लाख से अधिक मतदाता हैं। इन राज्यों में हजारों BLO और BLA अभियान में जुटे हुए हैं, जिससे बड़े स्तर पर मतदाता सूची का सत्यापन किया जा सके।
चुनाव आयोग ने सभी पात्र मतदाताओं से अपील की है कि वे समय पर अपने फॉर्म जमा कराएं और घर-घर पहुंचने वाले चुनाव अधिकारियों का सहयोग करें। आयोग का कहना है कि मतदाता सूची की शुद्धता लोकतंत्र की मजबूती के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।