सुप्रीम कोर्ट में TMC को झटका, वोट काउंटिंग स्टाफ पर EC का फैसला बरकरार

केंद्रीय कर्मचारियों की तैनाती पर आपत्ति खारिज, कोर्ट ने कहा– चुनाव आयोग को अधिकार; बिना आदेश सुनवाई खत्म
सुप्रीम कोर्ट में TMC को झटका, वोट काउंटिंग स्टाफ पर EC का फैसला बरकरार
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Supreme Court of India ने वोटों की गिनती के लिए कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर दायर Trinamool Congress (TMC) की याचिका पर सुनवाई पूरी कर ली है। कोर्ट ने कोई निर्देश जारी नहीं किया और साफ किया कि Election Commission of India (ECI) को काउंटिंग स्टाफ चुनने का पूरा अधिकार है।

यह मामला उस निर्देश को लेकर था, जिसमें कहा गया था कि 4 मई की मतगणना के दौरान हर टेबल पर कम से कम एक अधिकारी केंद्रीय सेवाओं या PSU से होना चाहिए। TMC ने इसे चुनौती देते हुए कहा था कि ऐसा आदेश राज्य के अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी नहीं दे सकते, यह अधिकार सिर्फ चुनाव आयोग के पास है।

सुनवाई के दौरान कोर्ट की विशेष पीठ, जिसमें जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस जॉयमाल्य बागची शामिल थे, ने स्पष्ट किया कि अगर काउंटिंग सुपरवाइजर और असिस्टेंट दोनों ही केंद्र सरकार के अधिकारी हों, तब भी इसमें कोई कानूनी खामी नहीं है।

चुनाव आयोग की ओर से पेश वकील डी.एस. नायडू ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि संतुलन बनाए रखने के लिए व्यवस्था की गई है—यदि सुपरवाइजर केंद्र से होगा तो काउंटिंग एजेंट राज्य सरकार से होगा।

दिलचस्प रूप से, सुनवाई के दौरान TMC ने अपना रुख बदलते हुए निर्देश को चुनौती देने के बजाय उसके सही तरीके से पालन की मांग की। पार्टी ने कहा कि हर टेबल पर कम से कम एक कर्मचारी राज्य सरकार का होना चाहिए।

अंत में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी आदेश की जरूरत नहीं है और चुनाव आयोग द्वारा दिए गए आश्वासन को रिकॉर्ड पर लेते हुए सुनवाई समाप्त कर दी।

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