केडी पार्थ, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के पूर्व राज्यसभा सांसद साकेत गोखले ने पार्टी के बागी सांसदों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि वे भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का समर्थन करते हैं या पार्टी व्हिप का उल्लंघन करते हैं, तो दल-बदल विरोधी कानून के तहत उनकी सदस्यता जा सकती है। गोखले ने दावा किया कि अलग संसदीय गुट बनाने की कोशिश कर रहे सांसदों के पास कोई कानूनी सुरक्षा नहीं है और वे जनता द्वारा तृणमूल कांग्रेस को दिए गए जनादेश के साथ विश्वासघात कर रहे हैं।
विभाजन प्रावधान समाप्त
सोशल मीडिया मंच X पर जारी बयान में गोखले ने कहा कि संविधान के 91वें संशोधन के बाद ‘स्प्लिट’ यानी विभाजन से संबंधित प्रावधान समाप्त हो चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अलग संसदीय गुट बनाने से किसी सांसद को दल-बदल कानून से राहत नहीं मिल सकती। उनके अनुसार, केवल विधायी दल के अलग होने से कानूनी मान्यता नहीं मिलती।
पूरी पार्टी का विलय होना आवश्यक
गोखले ने कहा कि यदि बागी सांसद NDA का समर्थन करते हैं या पार्टी के निर्देशों के विरुद्ध मतदान करते हैं, तो इसे स्वेच्छा से पार्टी छोड़ने के समान माना जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा में विलय का दावा भी कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं है, क्योंकि इसके लिए पूरी पार्टी का विलय आवश्यक होता है। इस बीच बागी सांसदों ने सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष से मिलकर खुद को ‘असली तृणमूल’ के रूप में मान्यता देने की मांग करने की घोषणा की है, जिससे राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है।