रिकॉर्ड लो पर रुपया, क्या बढ़ने वाली है महंगाई?

तेल की ऊंची कीमतों और पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर बनी अनिश्चितताओं के बीच अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से घरेलू मुद्रा पर दबाव बना हुआ है।
फाइल फोटो।
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मुंबईः रुपया शुक्रवार को 86 पैसे टूटकर 94.82 (अस्थायी) प्रति डॉलर के अब तक के सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ। तेल की ऊंची कीमतों और पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर बनी अनिश्चितताओं के बीच अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से घरेलू मुद्रा पर दबाव बना हुआ है।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि घरेलू शेयर बाजारों में आई तेज गिरावट और विदेशी निवेशकों (एफआईआई) द्वारा लगातार निकासी से स्थानीय मुद्रा पर और दबाव पड़ा है।

रुपये के लगातार गिरने से चिंता का सबब है कि इससे महंगाई बढ़ सकती है जो आम लोगों के लिए परेशानी लेकर आएगी।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 94.18 प्रति डॉलर पर खुला और पहली बार 94.50 के स्तर को पार कर गया। अंत में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.82 (अस्थायी) पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव से 86 पैसे की गिरावट है।

रुपया बुधवार को 20 पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर 93.96 पर बंद हुआ था। राम नवमी के कारण बृहस्पतिवार को शेयर, विदेशी मुद्रा, जिंस और सर्राफा बाजार बंद थे। इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.11 प्रतिशत की बढ़त के साथ 100 पर रहा।

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शेयर बाजार की स्थिति

घरेलू शेयर बाजारों बीएसई सेंसेक्स 1,690.23 अंक यानी 2.25 प्रतिशत टूटकर 73,583.22 अंक जबकि एनएसई निफ्टी 486.85 अंक यानी 2.09 प्रतिशत फिसलकर 22,819.60 अंक पर बंद हुआ।

शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बुधवार को शुद्ध बिकवाल रहे और उन्होंन 1,805.37 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 0.53 प्रतिशत की बढ़त के साथ 109.8 डॉलर प्रति बैरल रहा।

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