सुखेंदु शेखर के इस्तीफे का ऋतब्रत ने किया समर्थन

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सुखेंदु शेखर : इस्तफ़ा
सुखेंदु शेखर : इस्तफ़ा
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कोलकाता : पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर राजनीतिक संकट लगातार गहराता जा रहा है। विपक्ष के नेता घोषित किए गए ऋतब्रत बंद्योपाध्याय के नेतृत्व वाले ‘तृणमूल’ खेमे ने दावा किया है कि उनके समर्थन में विधायकों की संख्या बढ़ रही है। फिलहाल 58 विधायक उनके साथ हैं और यह संख्या जल्द 62 तक पहुंच सकती है। इसी बीच, पार्टी को एक और बड़ा झटका देते हुए वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर राय ने तृणमूल कांग्रेस तथा राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के बाद उन्होंने लोकसभा चुनाव में पार्टी की हार और नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनावी पराजय के बावजूद कोई आत्ममंथन नहीं किया गया।

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ऋतब्रत बंद्योपाध्याय ने सुखेंदु शेखर राय के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने जो बातें कही हैं, वे “100 प्रतिशत सच” हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी में गंभीर राजनीतिक चर्चा की जगह नहीं बची है और कई वरिष्ठ नेताओं को उपेक्षा का सामना करना पड़ा है। इस बीच, लोकसभा में भी तृणमूल के भीतर असंतोष की खबरें हैं। सूत्रों के अनुसार, पार्टी के 28 में से 20 सांसदों ने काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र सौंपकर अलग रुख अपनाने का संकेत दिया है। इन घटनाक्रमों ने तृणमूल नेतृत्व के सामने संगठनात्मक और राजनीतिक चुनौतियां और बढ़ा दी हैं।

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