

कोलकाता: आरजी कर अस्पताल में डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या मामले में पीड़िता की मां और भाजपा विधायक रत्ना देवनाथ ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने इस मामले में तीन और संदिग्धों की गिरफ्तारी की मांग उठाई है।
बुधवार को जब विधानसभा में नवनिर्वाचित विधायक शपथ ले रहे थे, उसी समय रत्ना देवनाथ सियालदह कोर्ट पहुंचीं। उन्होंने बताया कि उन्होंने कोर्ट में एक आवेदन देकर तीन संदिग्धों के नाम सौंपे हैं।
रत्ना देवनाथ ने जिन तीन लोगों के नाम दिए हैं, उनमें:
निर्मल घोष (पूर्व तृणमूल विधायक)
सोमनाथ दे (वर्तमान चेयरमैन, तृणमूल)
संजीव मुखोपाध्याय (पूर्व पार्षद, पहले वाम दल से जुड़े)
शामिल हैं।
उन्होंने कहा,
“हमने कोर्ट में आवेदन दिया है। ये तीनों संदिग्ध हैं। मेरी बेटी के लिए न्याय ही मेरी पहली प्राथमिकता है।”
उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि उनकी बेटी ही उनकी पूरी दुनिया थी और न्याय के लिए उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
मामले की सुनवाई न्यायाधीश सुल्तान मामुद की अदालत में हुई।
CBI के वकील पार्थसारथी दत्ता ने जांच के लिए कुछ और समय मांगा।
पीड़िता पक्ष के वकील ने कहा कि संदिग्धों की गतिविधियां संदेह पैदा करती हैं, इसलिए यह आवेदन दिया गया है।
कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 5 जून तय की है।
यह मामला राज्य में पहले से ही चर्चा में है और अब नए नाम सामने आने के बाद जांच और भी संवेदनशील हो गई है।