पाकिस्तान को राजनाथ सिंह की दो टूक, ‘आतंक के सरपरस्तों तक नहीं पहुंचने देंगे सिंधु का पानी’

तेलंगाना में संबोधन के दौरान राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर का हवाला देकर संदेश दिया कि भारत अपनी सुरक्षा, संप्रभुता और संसाधनों पर समझौता नहीं करेगा, आतंक समर्थक देशों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने स्पष्ट कर दिया था कि आतंकवाद को समर्थन देने वालों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र कर रक्षा मंत्री ने आतंकवाद पर कड़ा संदेश दिया, विपक्ष पर भी साधा निशाना
Published on

भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को साफ संदेश दिया है कि आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो देश आतंकियों को संरक्षण देता है, उसे भारत के संसाधनों पर कोई अधिकार नहीं हो सकता। उन्होंने दोहराया कि सिंधु नदी का पानी आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों तक नहीं पहुंचने दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत अब हर चुनौती का जवाब उसी भाषा में देना जानता है, जिसे उसके दुश्मन समझते हैं।

'आतंक के आकाओं तक नहीं पहुंचेगा सिंधु का पानी'

तेलंगाना में भाजपा की ओर से आयोजित एक बौद्धिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने स्पष्ट कर दिया था कि आतंकवाद को समर्थन देने वालों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।

उन्होंने कहा कि भारत ने सिंधु जल संधि को स्थगित करने का फैसला करते हुए यह संदेश दिया था कि जिन लोगों की संवेदनाएं मर चुकी हैं और जो आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं, उन्हें भारत के पानी की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। रक्षा मंत्री ने कहा कि सिंधु का पानी आतंकवाद के संरक्षकों और मानवता के दुश्मनों तक नहीं पहुंचने दिया जाएगा।

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने स्पष्ट कर दिया था कि आतंकवाद को समर्थन देने वालों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
हैदराबाद में छत्तीसगढ़ का निवेश धमाका, 9,580 करोड़ के प्रस्तावों से खुलेंगे विकास के नए द्वार

ऑपरेशन सिंदूर का किया जिक्र

राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को यह दिखा दिया कि भारत अपनी सुरक्षा और संप्रभुता से समझौता नहीं करता। उन्होंने कहा कि जो तत्व शांति, सद्भाव और संवाद की भाषा नहीं समझते, उन्हें भारत उसी तरीके से जवाब देना जानता है।

उनके अनुसार यह अभियान भारत की नई सुरक्षा नीति और दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति का प्रतीक है।

विपक्ष के सवालों पर जताई नाराजगी

रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर और सेना की कार्रवाई पर सवाल उठाने वाले विपक्षी दलों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और सैनिकों के साहस व बलिदान पर सवाल उठाना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि यदि भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियां जारी रहती हैं तो पाकिस्तान को मिलने वाली सुविधाओं पर पुनर्विचार किया जाएगा।

राहुल गांधी पर भी साधा निशाना

अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने कांग्रेस और उसके नेतृत्व पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लंबे समय तक देश को एक परिवार केंद्रित राजनीति के तहत चलाती रही है।

राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि कुछ नेता जनता का विश्वास जीतने के लिए मेहनत करने के बजाय अपने "समय" का इंतजार करते रहे। उन्होंने कहा कि भाजपा और प्रधानमंत्री Narendra Modi की राजनीति का केंद्र देश का विकास और भविष्य है, जबकि विपक्ष की सोच इससे अलग है।

'भारत केवल वैक्सीन ही नहीं, ब्रह्मोस भी रखता है'

रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत आज वैश्विक स्तर पर एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में उभरा है। कोविड-19 महामारी के दौरान भारत ने कई देशों को मदद पहुंचाकर अपनी जिम्मेदारी निभाई और दुनिया ने उसे ‘विश्व बंधु’ के रूप में स्वीकार किया।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भारत के विरोधियों को यह नहीं भूलना चाहिए कि देश के पास केवल वैक्सीन बनाने की क्षमता ही नहीं, बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक हथियार और ब्रह्मोस जैसी शक्तिशाली मिसाइलें भी हैं।

'सरकार अगली पीढ़ी के बारे में सोचती है'

राजनाथ सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य केवल अगला चुनाव जीतना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित करना है। उन्होंने दावा किया कि सरकार के हर फैसले का उद्देश्य देश को मजबूत, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाना है।

उन्होंने कहा कि रक्षा बजट का प्रत्येक रुपया देश की सुरक्षा क्षमता बढ़ाने में लगाया जा रहा है और सरकार की नीयत तथा नीतियों में कोई अंतर नहीं है। उनके अनुसार भाजपा की राजनीति सत्ता के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के लिए है।

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने स्पष्ट कर दिया था कि आतंकवाद को समर्थन देने वालों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
अमेरिका-ईरान युद्ध खत्म होने की ओर, शांति समझौते की शर्तों पर बनी सहमति: पाकिस्तान PM
Google पर सन्मार्ग न्यूज़ पडे →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in