

श्रीहरिकोटाः भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण वाहन (पीएसएलवी) रॉकेट सी62 मिशन के प्रक्षेपण के लिए रविवार को साढ़े बाईस घंटे की उल्टी गिनती शुरू की। इस साल के पहले मिशन के जरिये पृथ्वी अवलोकन उपग्रह के साथ-साथ 14 अन्य सह उपग्रहों को कक्षा में स्थापित किया जाएगा।
इसरो की वाणिज्यिक शाखा, न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) के लिए भेजे जा रहे इस मिशन में 14 घरेलू और विदेशी उपग्रहों को कक्ष में स्थापित किया जाएगा। इसरो ने बताया कि 260 टन के भार वाले पीएसएलवी-सी62 रॉकेट का प्रक्षेपण सोमवार को पूर्वाह्न 10.17 बजे के बजाय पूर्वाह्न 10.18 बजे के लिए पुनर्निर्धारित किया गया है।
इसरो के सूत्रों ने रविवार को कहा,‘उल्टी गिनती अपराह्न 12.48 बजे शुरू हुई। कुल अवधि 22 घंटे 30 मिनट है। प्रक्षेपण कल पूर्वाह्न 10.18 बजे होगा।’
थाईलैंड और ब्रिटेन का उपग्रह लेकर जाएगा पीएसएलवी
पीएसएलवी-सी62/ईओएस-एन1 मिशन सबसे पहले थाईलैंड और ब्रिटेन द्वारा निर्मित पृथ्वी अवलोकन उपग्रह को कक्षा में स्थापित करेगा, जिसके बाद प्रक्षेपण के लगभग 17 मिनट बाद 13 अन्य उपग्रहों को सूर्य-समकालिक कक्षा में स्थापित किया जाएगा। इसके बाद, रॉकेट के चौथे चरण (पीएस4) के अलग होने और स्पेनिश स्टार्टअप से संबंधित लगभग 25 किलोग्राम वजनी केस्ट्रेल इनिशियल टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेटर (केआईडी) कैप्सूल स्थापित होगा। ऐसा प्रक्षेपण के दो घंटे से अधिक समय बाद होने की उम्मीद है।
इसरो के मुताबिक, वैज्ञानिक रॉकेट के चौथे चरण को फिर से प्रणोदित करेंगे, ताकि केआईडी कैप्सूल को पृथ्वी के वायुमंडल में पुनः प्रवेश करते हुए प्रदर्शित किया जा सके।
इसरो ने बताया कि पीएस4 चरण और केआईडी कैप्सूल (जो अंतिम सह-उपग्रह होगा) दोनों पृथ्वी के वायुमंडल में पुनः प्रवेश करेंगे और दक्षिण प्रशांत महासागर में उतरेंगे। भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ने पीएसएलवी के जरिये अबतक 63 मिशन को पूरा किया है, जिनमें महत्वाकांक्षी चंद्रयान-1, मंगलयान और आदित्य-एल1 मिशन शामिल हैं।