

नई दिल्लीः राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान विश्व ने भारतीय सेना का शौर्य और पराक्रम देखा जब देश ने अपने संसाधनों के बल पर आतंकियों के अड्डों को ध्वस्त कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने इसके साथ कड़ा संदेश दिया कि भारत पर किसी भी आतंकी हमले का जवाब दृढ़ और निर्णायक होगा।
संसद के बजट सत्र की शुरुआत में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए मुर्मू ने कहा, ‘‘भारत ने सिद्ध किया है कि शक्ति का प्रयोग उत्तरदायित्व और विवेक के साथ किया जा सकता है। ऑपरेशन सिंदूर से विश्व ने भारतीय सेना का शौर्य और पराक्रम देखा है। हमारे देश ने अपने संसाधनों के बल पर आतंकियों के अड्डों को ध्वस्त कर दिया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार ने कड़ा संदेश दिया कि भारत पर किसी भी आतंकी हमले का जवाब दृढ़ और निर्णायक होगा। सिंधु जल समझौते को स्थगित किया जाना भी आतंकवाद के विरुद्ध हमारी लड़ाई का हिस्सा है। देश की रक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए मिशन सुदर्शन चक्र पर भी काम हो रहा है।’’
राष्ट्रपति अभिभाषण के दौरान संसद की संयुक्त बैठक में उप राष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, जे पी नड्डा, निर्मला सीतारमण, किरेन रिजिजू सहित विभिन्न केंद्रीय मंत्री, सपा प्रमुख अखिलेश, तृणमूल नेता महुआ मोइत्रा सहित विपक्षी दलों के कई नेता तथा सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के विभिन्न सांसद मौजूद थे।
माओवाद पर निर्णायक कार्रवाई
लोकसभा कक्ष में अपने लगभग एक घंटे के अभिभाषण में मुर्मू ने यह भी कहा कि सरकार की नीतियों के अनुरूप सुरक्षाबलों ने माओवादी आतंक पर भी निर्णायक कार्रवाई की है और माओवादी आतंक की चुनौती 126 जिलों से घटकर आठ जिलों तक सिमट गई है, जिनमें भी 3 जिले ही ऐसे हैं, जो गंभीर रूप से प्रभावित हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सच्चे सामाजिक न्याय के लिए समर्पित है तथा ‘सबका साथ, सबका विकास’ का दृष्टिकोण हर नागरिक के जीवन में बदलाव ला रहा है।
25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए
उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और ईमानदारी व्यवस्थाओं को मजबूत बना रही है तथा पौने सात लाख करोड़ रुपये प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से लोगों तक पहुंचाये गये हैं। मुर्मू ने कहा, ‘‘पिछले 10-11 वर्षों में भारत ने हर क्षेत्र में अपनी नींव मजबूत की है। यह वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य का मजबूत आधार है।’’ उन्होंने कहा कि सरकार के तीसरे कार्यकाल में गरीबों को सशक्त बनाने का अभियान तेज हुआ है।
राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार सच्चे सामाजिक न्याय के लिए समर्पित है और इसी का नतीजा है कि एक दशक में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है। मुर्मू ने इस बात का उल्लेख किया कि 2014 तक सिर्फ 25 करोड़ लोगों को ही सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलता था, लेकिन आज 95 करोड़ लोगों को सामाजिक सुरक्षा का कवच मिला है।
घोटाले से मुक्त प्रशासन
उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार और घोटाला से मुक्त प्रशासन देने में सफल रही है जिससे एक-एक पाई भारत के विकास में खर्च हो रही है। उन्होंने इस बात का उल्लेख भी किया कि राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 साल पूरा होने के मौके पर पिछले सत्र में संसद के दोनों सदनों में विशेष चर्चा हुई।
विकसित भारत-जी राम जी कानून का जिक्र
राष्ट्रपति ने मनरेगा की जगह सरकार द्वारा लाए गए कानून का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार और विकास के लिए विकसित भारत - जी राम जी कानून बनाया गया है। नए सुधार से गांव में एक सौ पच्चीस दिन के रोजगार की गारंटी होगी।’’ उन्होंने कहा कि अब इस योजना से गांवों के विकास को नई गति मिलेगी और किसान, पशुपालक और मछुआरे साथियों के लिए नई सुविधाएं निर्मित होंगी। इस दौरान विपक्ष के अनेक सदस्यों ने कानून का विरोध करते हुए नारेबाजी की और वे इसे वापस लेने की मांग करने लगे। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय मंत्रियों समेत सत्तापक्ष के सदस्यों ने इस दौरान मेजें थपथपाकर राष्ट्रपति के वक्तव्य का स्वागत किया।