

कोलकाता : राज्य विधानसभा में शनिवार को कालीघाट तृणमूल के वरिष्ठ विधायक शोभनदेव चट्टोपाध्याय का भाषण लगातार हंगामे की भेंट चढ़ता रहा। वित्त विधेयक पर चर्चा के दौरान जैसे ही उन्होंने तृणमूल सरकार के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनानी शुरू कीं, भाजपा विधायक विरोध में खड़े हो गए। पूरे भाषण के दौरान नारेबाजी, टोका-टाकी और तीखी राजनीतिक नोकझोंक से सदन का माहौल गर्माया रहा।
शोभनदेव ने एनसीआरबी रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि तृणमूल शासनकाल में कोलकाता देश का सबसे सुरक्षित महानगर बना। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य धान उत्पादन में देश में प्रथम और मत्स्य उत्पादन में द्वितीय स्थान पर रहा। उनके इन दावों पर भाजपा विधायकों ने कड़ा एतराज जताया और तृणमूल शासनकाल के कथित भ्रष्टाचार तथा कानून-व्यवस्था के मुद्दे उठाते हुए लगातार विरोध जारी रखा।
हंगामे के बीच शोभनदेव ने स्पीकर रथींद्र बोस से हस्तक्षेप कर उन्हें अपनी बात पूरी करने का अवसर देने की अपील की। इस पर स्पीकर ने उन्हें याद दिलाया कि सदन में चर्चा का विषय वित्त विधेयक है और उन्हें उसी तक अपनी बात सीमित रखने की सलाह दी।
अपने संबोधन में शोभनदेव ने धर्मतल्ला में नीट प्रश्नपत्र लीक के विरोध प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों पर हुए हमले की कड़ी निंदा की। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि आरोपित प्रदर्शनकारी निहत्थे थे, इसलिए उन पर ''गुंडा दमन कानून'' लागू करने के फैसले पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। इस टिप्पणी पर सत्ता पक्ष और भाजपा के बीच फिर तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। इसी दौरान एक भाजपा विधायक को "चुप" कहने पर भी नया विवाद खड़ा हो गया, जिससे सदन का माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो उठा।