

केडी पार्थ, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा में पेश बजट 2026-27 का स्वागत करते हुए उद्योगपति एवं कर विशेषज्ञ सीए पवन कुमार पटोडिया ने इसे राज्य के इतिहास का सबसे संतुलित, सुधारवादी और प्रगतिशील बजट बताया। उन्होंने कहा कि भारी कर्ज बोझ के बावजूद राजस्व घाटे को जीएसडीपी के 1.02 प्रतिशत और वित्तीय घाटे को 2.91 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य सरकार की वित्तीय दक्षता को दर्शाता है। उनके अनुसार यह बजट अल्पकालिक राजनीति से आगे बढ़कर दीर्घकालिक आर्थिक विकास की दिशा तय करता है।
एक लाख नौकरियों से युवाओं को अवसर
पटोडिया ने कहा कि सरकारी विभागों में एक लाख रिक्त पदों को भरने का निर्णय रोजगार सृजन की दिशा में बड़ा कदम है। इनमें 33 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे। पुलिस, शिक्षा और ईस्टर्न फ्रंटियर राइफल्स में बड़े पैमाने पर नियुक्तियां की जाएंगी।
महिलाओं और छात्राओं को बड़ी राहत
उन्होंने अन्नपूर्णा योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये देने के लिए 36,000 करोड़ रुपये के प्रावधान को ऐतिहासिक बताया। साथ ही, सरकारी एवं सहायता प्राप्त कॉलेजों में दाखिला लेने वाली अविवाहित छात्राओं को 50,000 रुपये की एकमुश्त सहायता देने की योजना की भी सराहना की।
तकनीक और प्रशासनिक सुधार पर जोर
पटोडिया ने वेस्ट बंगाल इम्पैक्ट एआई मिशन, ड्रोन सर्वे, रिमोट सेंसिंग और वीएलटीडी जैसी तकनीकों के उपयोग को भविष्य उन्मुख पहल बताया। उनके अनुसार इससे राजस्व वृद्धि और प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।
व्यापार और निवेश को मिलेगा बल
उन्होंने प्रोफेशनल टैक्स में राहत, टैक्स चोरी पर जेल प्रावधान समाप्त करने तथा 100 करोड़ रुपये से अधिक निवेश के लिए सिंगल-विंडो क्लीयरेंस व्यवस्था को उद्योग एवं व्यापार जगत के लिए सकारात्मक कदम बताया। उनका कहना है कि ये पहलें ‘विकसित बांग्ला’ के लक्ष्य को गति देंगी।