पानीहाटी के 127 साल पुराने क्लब पर कब्जे की जंग तेज

भाजपा विधायक रत्ना देबनाथ और क्लब के पुराने पदाधिकारियों में टकराव 600 युवा खिलाड़ियों का खेल प्रभावित

पानीहाटी के 127 साल पुराने क्लब पर कब्जे की जंग तेज
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सन्मार्ग संवाददाता

बैरकपुर : आरजी कर की मृत महिला डॉक्टर अभया की मां और भाजपा विधायक रत्ना देबनाथ एक बार फिर राजनीतिक विवाद के केंद्र में हैं। इस बार पानीहाटी के 127 साल पुराने पानीहाटी स्पोर्टिंग क्लब के प्रबंधन और चाबियों को लेकर उनका क्लब के पुराने पदाधिकारियों से टकराव हो गया है। क्लब के पूर्व पदाधिकारियों ने विधायक पर जबरन चाबी अपने कब्जे में लेने और पूर्व सचिव राजा बोल को मारपीट कर इस्तीफा देने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। वहीं, रत्ना देबनाथ का दावा है कि पूर्व सचिव ने स्वेच्छा से जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है।

विधायक का कहना है कि नई अध्यक्षीय समिति गठित होने तक क्लब की चाबी उनके पास रहेगी। उन्होंने क्लब की जिम्मेदारी संभालने और नई कमेटी बनाने की बात कही है। हालांकि, पुराने पदाधिकारियों का आरोप है कि प्रबंधन में बदलाव के पीछे दबाव और मारपीट की भूमिका है। इस विवाद ने स्थानीय राजनीति को भी गरमा दिया है। माकपा नेता कल्तान दासगुप्ता ने आरोप लगाया कि तृणमूल से भाजपा में आए कुछ लोग अब विभिन्न संस्थाओं पर नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी क्लब कमेटी पर भ्रष्टाचार का आरोप होने पर विधायक उसे भंग नहीं कर सकते, इसके लिए पुलिस में शिकायत होनी चाहिए।

इस राजनीतिक खींचतान का सीधा असर करीब 600 युवा खिलाड़ियों पर पड़ा है। क्लब का मैदान बंद होने से उनकी प्रैक्टिस ठप है। शनिवार को विधायक को भी मैदान का गेट बंद मिलने के कारण बाहर से ही लौटना पड़ा। अभिभावकों और क्लब सदस्यों ने राजनीति से ऊपर उठकर बच्चों के लिए मैदान खोलने की मांग की है।

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