

सबिता, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : विधानसभा चुनाव से पहले ही हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी काे झटका लगा है। ओवैसी की अगुवाई वाली एआईएमआईएम ने हुमायूं कबीर की पार्टी से गठबंधन तोड़ने का ऐलान कर दिया है। हुमायूं कबीर की कथित हजार करोड़ की डील वाले एक वीडियो सामने आने के बाद ही मिम ने खुद को इस गठबंधन से अलग कर दिया है। पार्टी ने अपने ऑफिशियल एक्स पर लिखा कि पार्टी यहां चुनाव अकेले लड़ेगी। साथ ही यह भी कहा कि वह हुमायूं कबीर के बयान से खुद को अलग रखती है, वह बयान का समर्थन नहीं कर सकती है जिसमें मुस्लिमों की ईमानदारी पर सवाल उठाया जाये। हालांकि सन्मार्ग स्वतंत्र रूप से इस वीडियो की पुष्टि नहीं कर सका है।
गठबंधन टूटने से मेरा कोई नुकसान नहीं है : हुमायूं
मिम से गठबंधन टूटने के बाद आम जनता उन्नयन पार्टी के चेयरमैन हुमायूं कबीर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गठबंधन टूटने से मेरा कोई नुकसान नहीं है क्योंकि मैं किसी पर निर्भर होकर अपनी पार्टी नहीं बनाई है। मिम के अस्तित्व का मैंने इस्तेमाल नहीं किया। उनका साथ चाहा था और वे आए थे, अब क्यों चले गए ये तो वही बता पाएंगे। चूंकि गठबंधन में अब हम नहीं हैं इसलिए इसके बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता हूं। वहीं हजार करोड़ की डील वाले वीडियो को हुमायूं कबीर ने एआई द्वारा तैयार किया हुआ बताया है तथा खुद पर लगे आरोपों को निराधार करार दिया है।
वायरल वीडियो से क्यों मचा बवाल
एक वायरल वीडियो में हुमायूं कबीर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से संबंध होने और चुनावों में तृणमूल को हराने का दावा करते नजर आ रहे हैं। यह कहते हुए सुना जा रहा है कि वह ममता बनर्जी को सत्ता से हटाने के लिए ‘किसी भी हद तक’ जाने को तैयार हैं। वह शुभेंदु अधिकारी सहित वरिष्ठ भाजपा नेताओं के संपर्क में हैं। उनकी रणनीति तृणमूल से अल्पसंख्यक वोटों को अपने पक्ष में करने के इर्द-गिर्द केंद्रित है, जिससे भाजपा को चुनावी रूप से फायदा हो सकता है। उन्होंने कथित तौर पर इस रणनीति को सभी निर्वाचन क्षेत्रों में लागू करने के लिए हजार करोड़ रुपये की आवश्यकता का उल्लेख किया है। एडवांस की बात कही। गुरुवार को तृणमूल ने प्रेस कांफ्रेंस में कथित वीडियो को साझा किया जिसमें हुमायूं के अलावा शुभेंदु अधिकारी, हिमंत विश्व शर्मा और मोहन यादव के नाम का उल्लेख है। टीएमसी ने मामले की ईडी जांच कराने की मांग की है।