

प्रसेनजीत, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पांच राज्यों में चुनाव की घोषणा के बाद चुनाव आयोग द्वारा प्रशासनिक स्तर पर किये जा रहे फेरबदल को लेकर पश्चिम बंगाल में सियासत तेज हो गई है। राज्य में बड़े पैमाने पर अधिकारियों के तबादले पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कड़ी आपत्ति जताई है।
इस मुद्दे पर गुरुवार को मुख्यमंत्री ने एक्स हैंडल पर लंबा पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि जानबूझकर बंगाल को “टारगेट” किया जा रहा है। उनके मुताबिक, अब तक मुख्य सचिव से लेकर डीजीपी, आईजी, डीआईजी, जिलाधिकारी और एसपी स्तर तक 50 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले किये जा चुके हैं। उन्होंने इसे प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि “ऊपर से निर्देशित राजनीतिक हस्तक्षेप” बताया।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि आयोग की “अतिसक्रियता” उसकी निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती है और उसकी विश्वसनीयता कमजोर हुई है। उन्होंने सीधे तौर पर भाजपा पर निशाना साधते हुए पूछा कि बंगाल के लोगों को इस तरह निशाना क्यों बनाया जा रहा है। बता दें कि पांच राज्यों में चुनाव की घोषणा होते ही आयोग ने रातोंरात बंगाल के मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी और कोलकाता पुलिस आयुक्त जैसे अहम पदों पर तैनात आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को हटा दिया।
यह प्रक्रिया अब भी जारी है। बुधवार रात भी राज्य और कोलकाता पुलिस के कम से कम 15 अधिकारियों को चुनावी राज्यों तमिलनाडु और केरल में तैनाती के आदेश दिए गए। ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल कभी दबाव में नहीं झुका है और आगे भी नहीं झुकेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि राज्य की जनता लोकतांत्रिक तरीके से हर “प्रतिशोध की राजनीति” का जवाब देगी।