

Bombay High Court ने गैंगस्टर Abu Salem Abdul Qayoom Ansari की तत्काल रिहाई की मांग वाली याचिका बुधवार को खारिज कर दी।
जस्टिस ए.एस. गडकरी और कमल खाता की बेंच ने कहा कि अबू सलेम ने अभी 25 साल की वास्तविक सजा पूरी नहीं की है, इसलिए उनकी याचिका समय से पहले दायर की गई है।
सलेम की ओर से वकील फरहाना शाह ने दलील दी थी कि Supreme Court of India ने 2022 में स्पष्ट किया था कि प्रत्यर्पण की शर्तों के अनुसार उन्हें 25 साल से अधिक जेल में नहीं रखा जा सकता और सजा पूरी होने पर रिहा किया जाए।
याचिका में दावा किया गया था कि 2005 से अब तक की जेल अवधि, अंडरट्रायल समय और रिमिशन जोड़कर 25 साल पूरे हो चुके हैं।
हालांकि केंद्र और राज्य सरकार ने इसका विरोध करते हुए कहा कि मार्च 2025 तक सलेम ने केवल लगभग 19.5 साल की सजा ही काटी है। सरकार के अनुसार उनकी अधिकतम सजा नवंबर 2030 तक पूरी होगी, जबकि राज्य सरकार ने संभावित रिहाई की तारीख 2046 बताई है।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि सलेम कई गंभीर मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं, इसलिए उनकी सजा की गणना अलग-अलग मामलों के आधार पर की जाएगी।