

पटना : नितिन नवीन ने सोमवार को बिहार विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने से पहले अपने क्षेत्र की जनता के लिए एक भावुक संदेश साझा किया। हाल ही में राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए नवीन ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी।
उन्होंने अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए बताया कि जनवरी 2006 में पिता के निधन के बाद उन्हें पटना पश्चिम से उपचुनाव लड़ने का अवसर मिला। 27 अप्रैल 2006 को पहली बार विधायक बनने के साथ ही उनके सार्वजनिक जीवन की शुरुआत हुई। उन्होंने कहा कि पिछले 20 वर्षों में उन्होंने अपने पिता द्वारा बनाए गए क्षेत्र को परिवार की तरह संवारने और विकसित करने का निरंतर प्रयास किया।
नवीन ने जनता के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उन्हें लगातार पांच बार विधायक चुनकर लोगों ने सेवा का अवसर दिया। उन्होंने विधानसभा के भीतर और बाहर दोनों जगह अपने क्षेत्र और बिहार की समस्याओं को उठाने और उनके समाधान के लिए काम किया।
उन्होंने यह भी कहा कि विधायक रहते हुए उन्हें सत्ता और विपक्ष के कई वरिष्ठ नेताओं से सीखने का अवसर मिला। क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान उन्होंने जनता और कार्यकर्ताओं के सुझावों से ही निकाला।
अपने मंत्री पद के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए उन्होंने नरेन्द्र मोदी और नीतीश कुमार के नेतृत्व में काम करने का अवसर मिलने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस दौरान कई महत्वपूर्ण योजनाओं और नीतियों को सफलतापूर्वक लागू किया गया।
नवीन ने अपने कार्यकर्ताओं को परिवार की तरह बताते हुए कहा कि उनके सहयोग से ही वे इस मुकाम तक पहुंचे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नई जिम्मेदारी मिलने के बाद भी वे बिहार और अपने क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित रहेंगे।
अंत में उन्होंने कहा कि उनका जनता से जुड़ाव हमेशा बना रहेगा और वे 2047 तक “विकसित भारत और विकसित बिहार” के लक्ष्य को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे।