काठमांडू : नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने भ्रष्टाचार को खत्म करने का संकल्प दोहराते हुए रविवार को ऐलान किया कि वे 6 महीने से ज्यादा समय तक सत्ता में नहीं रहेंगी और देश में आगामी 5 मार्च को आम चुनाव होने के बाद नवनिर्वाचित संसद को अधिकार सौंप देंगी। कार्की ने कहा कि पिछले सप्ताह सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान देश भर में हिंसा और विनाश में शामिल रहे लोगों को न्याय के कठघरे में लाया जायेगा।
मारे गये लोगों के परिजनों को 10-10 लाख नेपाली रुपये का मुआवजा
उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि ‘जेन-जी’ आंदोलन में मारे गये लोगों को ‘शहीद’ घोषित किया जायेगा और उनके आश्रित परिजनों को 10-10 लाख नेपाली रुपये का मुआवजा भी दिया जायेगा। इस बीच पिछले सप्ताह हुए भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शनों में मरने वालों, जिसमें 1 भारतीय महिला भी थी, की संख्या बढ़कर 72 हो गयी है। पुलिस और प्रशासन के कर्मचारियों द्वारा हिंसा के दौरान क्षतिग्रस्त हुए शॉपिंग मॉल और अन्य इमारतों से शव निकाले जाने का काम जारी है।
मंत्रिमंडल गठन पर विचार
अंतरिम प्रधानमंत्री ने औपचारिक तौर पर कार्यभार संभालने के बाद कहा कि भ्रष्टाचार, सोशल मीडिया पर बैन सहित कई मुद्दों को लेकर नेपाल में पहली बार 27 घंटे तक लगातार आंदोलन हुआ। उन्होंने कहा कि मैं 6 महीने से ज्यादा समय तक सत्ता में नहीं रहूंगी और नवनिर्वाचित संसद को अधिकार सौंप दूंगी। गौरतलब है कि गत 12 सितंबर को अंतरिम प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद कार्की को नेपाल में 5 मार्च 2026 को आम चुनाव कराने की जिम्मेदारी दी गयी थी। कार्की मंत्रिमंडल बनाने पर काम कर रही हैं। ‘काठमांडू पोस्ट’ के अनुसार कार्की 15 से ज्यादा मंत्रियों के साथ एक मंत्रिमंडल बना सकती हैं। मंत्री पदों के लिए जिन नामों पर विचार किया जा रहा है उनमें कानूनी विशेषज्ञ ओम प्रकाश आर्यल, पूर्व सेना अधिकारी बालानंद शर्मा, सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति आनंद मोहन भट्टराई और ऊर्जा विशेषज्ञ कुलमान घीसिंग शामिल हैं।
बेघर हुए 3 पूर्व प्रधानमंत्रियों के लिए घर तलाश रहे समर्थक
गौरतलब है कि हिंसा के बाद देश के तीन पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली, शेर बहादुर देउबा और पुष्प कमल दाहाल ‘प्रचंड’ बेघर हो गये हैं। ‘जेन-जी’ प्रदर्शनकारियों ने 9 सितंबर को उनके घरों को आग के हवाले कर दिया था। फिलहाल ये तीनों सेना के कैंपों में रह रहे हैं और उनके समर्थक अपने नेताओं के लिए किराए के मकान ढूंढने में जुटे हुए हैं। बताया जाता है कि ये नेता कुछ दिन काठमांडू से बाहर के शहरों जैसे पोखरा में रहना चाहते हैं ताकि फिर से ‘जेन-जी’ के गुस्से का सामना नहीं करना पड़े।
हिंसा में अब तक 72 की मौत, 2113 लोग घायल
नेपाल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को बताया कि पिछले सप्ताह हुए भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 72 हो गयी है। नेपाल में दशकों की सबसे भीषण हिंसा में कम से कम 2113 लोग घायल हुए हैं।