Nepal Protest: जल गया नेपाल! अब प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने दिया इस्तीफा

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नई दिल्ली: नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने देश में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के कारण मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। ओली ने सैकड़ों प्रदर्शनकारियों द्वारा सरकार विरोधी नारे लगाते हुए उनके कार्यालय में घुसने के कुछ ही देर बाद पद छोड़ दिया।

केपी ओली के इस्तीफे से कुछ घंटे पहले प्रदर्शनकारियों ने सोमवार की मौतों की जवाबदेही की मांग करते हुए बालकोट स्थित नेपाली नेता के निजी आवास में आग लगा दी थी। क्योंकि, सोशल मीडिया साइट पर सरकार के प्रतिबंध के खिलाफ सोमवार को हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों में कम से कम 19 लोग मारे गए थे। इन्हीं विरोध प्रदर्शनों के बाद, सरकार ने सोशल मीडिया साइट से प्रतिबंध कल रात (सोमवार) हटा लिया।

अधिकारियों ने लगाया कर्फ्यू

साथ ही यहां गौर करने वाली बात ये है कि नेपाल की राजधानी काठमांडू में अधिकारियों ने पहले के जारी आदेश को हटाए जाने के कुछ ही घंटों बाद, मंगलवार को फिर से अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया। काठमांडू जिला प्रशासन कार्यालय ने सुबह साढ़े आठ बजे से अगली सूचना तक पूरे शहर में कर्फ्यू लागू करने का आदेश जारी किया।

सोशल मीडिया पर लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर सोमवार को सुरक्षा बलों और युवाओं के समूहों के बीच झड़पें हुई थीं, जिनमें 19 लोगों की मौत हो गई और 300 से अधिक लोग घायल हो गए थे। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए यह कदम उठाया गया। पूर्व में जारी कर्फ्यू मंगलवार सुबह पांच बजे समाप्त हो गया।

मुख्य जिलाधिकारी ने जारी किया नोटिस

काठमांडू के मुख्य जिलाधिकारी छविलाल रिजाल द्वारा जारी नोटिस में कहा गया कि कर्फ्यू के दौरान लोगों की आवाजाही, किसी भी प्रकार की सभा, विरोध-प्रदर्शन, बैठक और धरने की अनुमति नहीं होगी। नोटिस में कहा गया कि हालांकि, एंबुलेंस, दमकल की गाड़ियों, स्वास्थ्यकर्मियों को ले जाने वाले वाहनों, पर्यटकों, मीडियाकर्मियों और हवाई यात्रियों को सुरक्षा कर्मियों के साथ समन्वय स्थापित कर आने-जाने की अनुमति दी जाएगी।

वहीं भक्तपुर जिले के प्रशासन ने भी पेप्सीकोला, राधेराधे चौक, सल्लाघरी, दुवाकोट और चांगुनारायण मंदिर सहित कई इलाकों में मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे से अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया। प्रशासन ने काठमांडू से सटे ललितपुर के कुछ हिस्सों में भी प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं।

कर्फ्यू के आदेशों के बावजूद, मंगलवार सुबह कई इलाकों में छात्रों के नेतृत्व में सरकार विरोधी प्रदर्शन हुए। काठमांडू के कलंकी और बानेश्वर, तथा ललितपुर जिले के चापागाऊं–थेचो इलाकों से भी प्रदर्शनों की खबरें मिली हैं। प्रदर्शनकारियों में अधिकांश छात्र शामिल थे, जिन्होंने सभा पर लगे प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए ‘छात्रों को मत मारो’ जैसे नारे लगाए।

कर्फ्यू लागू होने से लोग घबराये

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कलंकी में प्रदर्शनकारियों ने सुबह टायर जलाकर सड़कों को अवरुद्ध कर दिया। कर्फ्यू लागू होने से लोग घबरा गए और जरूरी सामान खरीदने के लिए किराने की दुकानों और दवा की दुकानों की ओर दौड़ पड़े। सार्वजनिक परिवहन पूरी तरह ठप हो गया है और शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए हैं। सरकार ने लोगों के गुस्से को कम करने के लिए सोमवार देर रात सोशल मीडिया मंचों से प्रतिबंध हटा लिया।

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