नेपाल चुनावः बालेंद्र शाह की पार्टी RSP आगे

नेपाल में छह महीने पहले हुए ‘जेन जेड’ के विरोध प्रदर्शन के बाद पहले आम चुनाव के लिए शुक्रवार को जारी मतगणना के शुरुआती रुझानों के अनुसार पूर्व रैपर बालेंद्र शाह के नेतृत्व वाली नवगठित राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) बढ़त बनाए हुए है।
बालेंद्र शाह चुनाव प्रचार के दौरान ( फाइल फोटो )
बालेंद्र शाह चुनाव प्रचार के दौरान ( फाइल फोटो )
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काठमांडूः नेपाल में छह महीने पहले हुए ‘जेन जेड’ के विरोध प्रदर्शन के बाद पहले आम चुनाव के लिए शुक्रवार को जारी मतगणना के शुरुआती रुझानों के अनुसार पूर्व रैपर बालेंद्र शाह के नेतृत्व वाली नवगठित राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) बढ़त बनाए हुए है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, आरएसपी ने तीन सीट जीत ली हैं और वह 45 अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में आगे है। पूर्व प्रधानमंत्री पुष्पकमल दहल ‘प्रचंड’ के नेतृत्व वाली नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी दो सीट पर आगे है और राजशाही समर्थक राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी एक सीट पर आगे है।

आरएसपी सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने काठमांडू 1, काठमांडू 7 और काठमांडू 8 सहित तीन सीट जीत ली हैं। हालांकि, निर्वाचन आयोग ने इन सीट पर आरएसपी की जीत की अभी आधिकारिक तौर पर घोषणा नहीं की है। बिराज भक्त श्रेष्ठ ने काठमांडू 8 से, रंजू दर्शन ने काठमांडू 1 से और गणेश पराजुली ने काठमांडू 7 से जीत हासिल की। आरएसपी केंद्रीय समिति के सदस्य आर के धुंगाना के अनुसार, आरएसपी के उम्मीदवार रंजू दर्शन ने काठमांडू 1 निर्वाचन क्षेत्र में ‘‘भारी अंतर’’ से जीत हासिल की।

धुंगाना ने बताया कि रंजू को 10,000 से अधिक वोट मिले जो उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी एवं नेपाली कांग्रेस के उम्मीदवार प्रबल थापा छेत्री के मतों से लगभग दोगुने हैं। बालेन के नाम से लोकप्रिय काठमांडू के पूर्व महापौर बालेंद्र शाह झापा 5 निर्वाचन क्षेत्र में पूर्व प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली से आगे हैं। मीडिया में प्रसारित खबरों के अनुसार, आरएसपी काठमांडू के सभी 10 निर्वाचन क्षेत्रों में बढ़त बनाए हुए है।

बालेंद्र शाह चुनाव प्रचार के दौरान ( फाइल फोटो )
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निर्वाचन आयोग के अनुसार, मतगणना बृहस्पतिवार देर रात शुरू हुई और इसके शुक्रवार रात तक समाप्त हो जाने की संभावना है। नेपाल में प्रतिनिधि सभा के लिए बृहस्पतिवार को हुए चुनावों के दौरान लगभग 60 प्रतिशत मतदान हुआ। ‘जेन जेड’ के हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद नेपाल में ओली की सरकार गिर गयी थी। ‘जेन जेड’ पीढ़ी से तात्पर्य 1997 से 2012 के बीच पैदा हुए लोगों से है। वर्ष 2022 में गठित आरएसपी को चुनाव प्रचार के दौरान काफी समर्थन मिला और शाह को प्रधानमंत्री पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। दूसरी ओर, नेपाली कांग्रेस और नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी)(सीपीएन-यूएमएल) उस सरकार का हिस्सा थीं जो पिछले साल ‘जेन-जेड’ के विरोध-प्रदर्शनों के बाद गिर गई थी।

इस आम चुनाव में प्रतिनिधि सभा के 275 सदस्यों को चुनने के लिए 1.89 करोड़ से अधिक नेपाली नागरिक मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए पात्र थे। इनमें से 165 सदस्यों को प्रत्यक्ष मतदान प्रणाली और 110 सदस्यों को आनुपातिक मतदान के जरिए चुना जाना है। प्रतिनिधि सभा की 165 सीट पर प्रत्यक्ष मतदान में 3,406 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनके अलावा 110 सीट के लिए 3,135 उम्मीदवार मैदान में हैं।

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