NEET अब पूरी तरह ऑनलाइन! पेपर लीक के बाद सरकार का बड़ा फैसला

2027 से CBT मोड में होगी परीक्षा, 21 जून को री-एग्जाम; छात्रों को फीस रिफंड और फ्री टेस्ट
NEET अब पूरी तरह ऑनलाइन! पेपर लीक के बाद सरकार का बड़ा फैसला
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नई दिल्ली : मेडिकल एंट्रेंस परीक्षा NEET-UG को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा बदलाव करने का ऐलान किया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने शुक्रवार को कहा कि अगले साल से यह परीक्षा पूरी तरह कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी। पेपर लीक विवाद के बाद यह फैसला परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए लिया गया है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री ने साफ किया कि NEET UG 2026 के एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी कर दिए जाएंगे, जबकि री-एग्जाम 21 जून को होगा। गौरतलब है कि 3 मई को हुई परीक्षा को 12 मई को पेपर लीक की पुष्टि के बाद रद्द कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि 7 मई को “गेस पेपर” को लेकर शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद मामले को जांच एजेंसियों के पास भेजा गया। कुछ ही दिनों में यह स्पष्ट हो गया कि प्रश्नपत्र लीक हुआ था। इसके बाद सरकार ने बिना देरी किए परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया।

इस पूरे मामले की जांच अब Central Bureau of Investigation (CBI) करेगी। सरकार ने एजेंसियों को परीक्षा प्रक्रिया में हुई चूक की जड़ तक जाने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और परीक्षा प्रणाली से छेड़छाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

National Testing Agency (NTA) द्वारा आयोजित इस परीक्षा को लेकर सरकार ने “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाने की बात दोहराई है। मंत्री ने कहा कि तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ नई चुनौतियां सामने आ रही हैं, लेकिन छात्रों के भविष्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

सरकार ने छात्रों को राहत देते हुए बड़ा फैसला लिया है। सभी उम्मीदवारों की परीक्षा फीस वापस की जाएगी और री-एग्जाम पूरी तरह मुफ्त कराया जाएगा। इसके साथ ही छात्रों को परीक्षा से एक हफ्ते पहले अपनी पसंद का एग्जाम सिटी चुनने का विकल्प मिलेगा। मौसम को ध्यान में रखते हुए परिवहन की सुविधा देने की भी कोशिश की जाएगी।

मंत्री ने यह भी माना कि सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद परीक्षा प्रणाली में खामी रह गई थी। हालांकि, उन्होंने भरोसा दिलाया कि अब सुधार के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं ताकि भविष्य में “जीरो एरर” परीक्षा सुनिश्चित की जा सके।

सरकार का कहना है कि किसी भी “एग्जाम माफिया” को मेहनती छात्रों का हक छीनने नहीं दिया जाएगा और छात्रों का भरोसा बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

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