महाराष्ट्र में 72 से ज्यादा अफसर हनीट्रैप में फंसे, पेन ड्राइव में सारे सुबूत : नाना पटोले

‘सरकार ने कार्रवाई नहीं की तो मामला जनता के सामने लायेंगे’
nana_patole_congress
नाना पटोलेी ने उठाया हनीट्रैप का मुद्दा
Published on

मुंबई : महाराष्ट्र कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नाना पटोले ने गुरुवार को दावा किया कि प्रदेश में सामने आये हनी ट्रैप कांड में सरकारी आंकड़े से कहीं ज्यादा मंत्री, वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अफसर तक शामिल हैं। हनी ट्रैप कांड सिर्फ सतह पर दिख रही बात नहीं है, इसकी जड़ें कहीं गहरी हैं। पटोले का दावा है कि उनके पास पेन ड्राइव में सारे सुबूत हैं। अगर सरकार ने कार्रवाई नहीं की तो विपक्ष इसे जनता के सामने लाने को मजबूर होगा।

'हनी ट्रैप के जरिये गलत हाथों में पहुंच चुके जुड़े दस्तावेज '

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पटोले ने कहा कि इस कांड का जो आंकड़ा सरकार बता रही है, वह 72 पर रुकता नहीं है। असल में यह कहीं ज्यादा है। उन्होंने आंशका जतायी कि हनी ट्रैप के जरिये महाराष्ट्र की कुछ कंपनियों और सामाजिक तंत्रों से जुड़े दस्तावेज गलत हाथों में पहुंच चुके हैं। उन्होंने पेन ड्राइव में सारे सुबूत होने का दावा करते हुए यह भी कहा कि हम किसी का निजी चरित्र हनन नहीं करना चाहते, इसी वजह से अब तक इसे पब्लिक नहीं किया है। गौरतलब है कि एक रिपोर्ट में बुधवार को दावा किया गया था कि 2016 में गिरफ्तार एक महिला पर महाराष्ट्र के कई वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस को हनीट्रैप में फंसाकर जबरन वसूली का आरोप लगाया गया है। हाल ही में ठाणे के दो वरिष्ठ पुलिस अफसरों ने शिकायत दर्ज करायी थी। महिला सरकारी अधिकारियों को हनीट्रैप में फंसाकर लाखों रुपये वसूलती थी।

पूर्व-पुलिसकर्मी या विधवा बता कर लोगों को अपने जाल में फंसाती थी

रिपोर्ट के अनुसार यह महिला लोगों को फंसाने के लिए बेहद चालाकी से काम करती थी। वह खुद को एक परेशान पूर्व-पुलिसकर्मी या विधवा बताती थी और लोगों से मदद मांगती थी। फिर वह वॉट्सएप पर बातें करती, वीडियो कॉल करती और सामने से मिलती ताकि लोगों का विश्वास जीत सके। इन मुलाकातों के दौरान वह चुपचाप आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड कर लेती थी। कभी-कभी वह मोबाइल की स्क्रीन रिकॉर्डिंग या छोटे कैमरों का इस्तेमाल करती थी। बाद में इन्हीं रिकॉर्डिंग का इस्तेमाल वह अधिकारियों को धमकाकर पैसे वसूलने के लिए करती थी ताकि उनकी बदनामी न हो या उन पर कोई कानूनी कार्रवाई न हो। बाद में जब उसे मोटी रकम मिल जाती थी, तो वह या तो आरोपों को वापस ले लेती थी या समझौता कर लेती थी।

संबंधित समाचार

No stories found.

कोलकाता सिटी

No stories found.

खेल

No stories found.
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in