

निधि, सन्मार्ग संवाददाता
नदिया: पश्चिम बंगाल के नदिया जिले से शिक्षा व्यवस्था और संवेदनशीलता पर सवाल उठाने वाली एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहाँ के चक नंबर 2 स्थित एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में पहली कक्षा का छात्र स्कूल के दौरान गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। छात्र की आँख के पास गहरा घाव होने के कारण भारी रक्तस्राव हो रहा था, लेकिन आरोप है कि स्कूल की प्रधानाध्यापिका (हेडमिस्ट्रेस) ने बच्चे को प्राथमिक चिकित्सा देने या उसके परिवार को सूचित करने के बजाय, दोपहर 1 बजे से पहले ही स्कूल की छुट्टी कर दी और खुद घर चली गईं।
अकेला घर पहुँचा मासूम
खून से लथपथ कपड़ों और चेहरे के साथ वह नन्हा बच्चा सड़क पर पैदल चलता हुआ खुद अपने घर पहुँचा। उसे इस हालत में देखकर परिजनों के होश उड़ गए। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया। परिजनों का गुस्सा इस बात पर है कि स्कूल प्रशासन ने इतनी बड़ी घटना को छिपाने की कोशिश की और बच्चे की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश
इस अमानवीय व्यवहार के खिलाफ ग्रामीणों और अभिभावकों ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया। परिजनों ने स्कूल निरीक्षक (SI) के पास लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपी प्रधानाध्यापिका के तत्काल तबादले की माँग की है। अभिभावकों का कहना है कि जिस स्कूल में बच्चे सुरक्षित नहीं हैं, वहाँ उन्हें भेजना खतरे से खाली नहीं है। प्रशासन ने मामले की जाँच का आश्वासन दिया है।