

निधि, सन्मार्ग संवाददाना
नदिया: पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में NH-12 पर गुरुवार की रात एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना घटी। बदमाशों के चंगुल से जान बचाकर भाग रहे चार दोस्तों को 'बच्चा चोर' समझकर भीड़ ने खदेड़ा। स्थिति ऐसी बनी कि अगर युवक समय रहते थाने में शरण न लेते, तो उनकी जान भी जा सकती थी।
हँसुए से हमला, दहशत में आए युवक
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बेथुआडहरी के खिदिरपुर निवासी सायन मंडल अपने तीन दोस्तों के साथ देवग्राम से घर लौट रहे थे। नकाशीपाड़ा थाना क्षेत्र के नागादी इलाके में अचानक बदमाशों ने उनकी गाड़ी रोकने की कोशिश की। जब युवकों ने कार नहीं रोकी, तो बदमाशों ने हँसुए से कार पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। अपनी जान बचाने के लिए सायन ने कार की रफ्तार बढ़ा दी।
अफवाह ने बदला मंजर
खतरनाक मोड़ तब आया जब पीछे आ रहे बदमाशों ने खुद को फंसता देख शोर मचाना शुरू कर दिया कि गाड़ी में 'बच्चा चोर' भाग रहे हैं। टोयोटा प्लाजा के पास मौजूद स्थानीय युवक भी इस अफवाह का शिकार हो गए और उन्होंने कार का पीछा करना शुरू कर दिया। युवकों के लिए स्थिति 'आगे कुआँ, पीछे खाई' जैसी हो गई थी।
थाने में मिली सुरक्षा
दहशतजदा युवक सीधे नकाशपाड़ा थाने के भीतर कार लेकर घुस गए। पुलिस की मौजूदगी देख हमलावर और अफवाह फैलाने वाले भाग खड़े हुए। बाद में सच्चाई सामने आने पर पीछा करने वाले युवकों ने अपनी गलती मानी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से बचने की सलाह दी है।