

कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जारी राजनीतिक संकट के बीच पार्टी नेतृत्व के सामने एक नई चुनौती उभरती दिख रही है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी के कुछ सांसद राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की संभावना पर विचार कर रहे हैं। इससे संकेत मिल रहे हैं कि विधानसभा के बाद अब असंतोष की लहर संसद तक भी पहुंच गई है।
पार्टी सूत्रों का दावा है कि कुछ सांसद नेतृत्व की कार्यशैली और हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों से नाराज हैं। उनका मानना है कि संगठन के भीतर संवाद और सामूहिक निर्णय लेने की प्रक्रिया कमजोर हुई है, जिससे असंतोष बढ़ा है। बताया जा रहा है कि इसी मुद्दे पर सांसदों के बीच अनौपचारिक चर्चाएं भी शुरू हो चुकी हैं।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब पार्टी पहले ही अपने इतिहास के सबसे बड़े संकटों में से एक का सामना कर रही है। बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में विधायकों का एक बड़ा समूह अलग राह पर चल पड़ा है। हाल ही में 58 विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपकर ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष का नेता बनाने की मांग की थी, जिसके बाद राज्य की राजनीति में नई हलचल शुरू हो गई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि सांसदों की नाराजगी खुलकर सामने आती है, तो यह तृणमूल नेतृत्व के लिए गंभीर चुनौती साबित हो सकती है। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक इस विषय पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
उधर, संकट से निपटने के लिए ममता बनर्जी संगठन के पुनर्गठन में जुटी हैं। हाल ही में पार्टी की विभिन्न समितियों और प्रकोष्ठों को भंग कर नए सिरे से संगठन खड़ा करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। माना जा रहा है कि इसका उद्देश्य असंतुष्ट नेताओं को साधना और संगठन पर नेतृत्व की पकड़ को मजबूत करना है। ऐसे में आने वाले दिनों में तृणमूल की अंदरूनी राजनीति पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।