

‘महिलाओं से अधिकार छीनकर मेज थपथपा रहे थे, खुशी से तालियां बजा रहे थे’
नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पारित नहीं हो पाने के लिए विपक्षी दलों की स्वार्थ भरी राजनीति को दोषी करार देते हुए शनिवार को कहा कि विपक्ष के कारण महिलाओं को सशक्त बनाने का संघर्ष रुक गया है। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु सहित पांच राज्यों में चुनावी आचार संहिता लागू होने के बावजूद मोदी ने पूरी तरह चुनावी भाषण दिया और विपक्ष को दोषी ठहरा कर महिला मतदाताओं का विश्वास जीतने का प्रयास किया।
कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और द्रमुक पर बरसे
मोदी ने शनिवार शाम ‘राष्ट्र के नाम संदेश’ में तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में भाजपा को कड़ी चुनौती दे रहे कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और द्रमुक जैसे दलों पर अपना गुससा उतारते हुए कहा कि भारत की महिलाओं ने देखा कि कैसे इन दलों ने हमारी नारी शक्ति के खिलाफ अपनी स्वार्थ भरी राजनीति का जश्न मनाया। उन्होंने कहा कि ये लोग विधेयक गिरने के बाद मेजें थपथपा रहे थे। यह टेबल पर थाप नहीं थी, यह नारी के स्वाभिमान आत्मसम्मान पर चोट थी। उन्होंने कहा कि जब इन्हें जनता देखेगी तो कहेगी कि इन्हीं लोगों ने नारी की शक्ति छीनी थी। मोदी ने कहा कि महिला आरक्षण का विरोध करके जो पाप विपक्ष ने किया है उसकी सजा उन्हें जरूर मिलेगी। इन दलों ने संविधान निर्माताओं की भावनाओं का भी अपमान किया है। जनता द्वारा इसकी सजा से भी वो बच नहीं पायेंगे।
नारी शक्ति की उड़ान को रोका
इससे पहले मोदी ने कहा कि भारत की नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया। उनके सपनों को बेहरमी से कुचल दिया गया है। उन्होंने कहा कि हमारी भरसक कोशिश के बावजूद हम सफल नहीं हो पाये। जब दल हित देशहित से बड़ा हो जाता है तो नारी शक्ति को देशहित को इसका खामियाजा उठाना पड़ता है। इस बार भी यही हुआ है।
कांग्रेस पर जमकर साधा निशाना
मोदी ने खासतौर पर कांग्रेस को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने महिला अधिकारों की भ्रूण हत्या कर दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस परजीवी की तरह क्षेत्रीय दलों की पीठ पर सवार होकर खुद को बचा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इतिहास रचने का मौका खो दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कभी झूठ का सहारा लेती है तो कभी कोई और तरीका अपनाकर देश को गुमराह किया है। उन्होंने कहा कि यह सब करके कांग्रेस और उसके सहयोगी पार्टियों ने भारत की नारी शक्ति के सामने अपना असली चेहरा सामने ला दिया।
नारी अपना अपमान कभी नहीं भूलती
इससे पहले मोदी ने कहा कि नारी सब भूल जाती है अपना अपमान कभी नहीं भूलती। देश की नारी जब भी अपने क्षेत्र में इन नेताओं को देखेगी तब वो याद करेगी कि इन्हीं लोगों ने संसद में महिला आरक्षण को रोकने का जश्न मनाया था। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि नारी शक्ति वंदन संशोधन किसी से कुछ छीनने का नहीं था, नारी शक्ति वंदन संशोधन हर किसी को कुछ न कुछ देने का था। ये 40 साल से लटके हुए नारी के हक को 2029 के लोकसभा चुनाव से उसका हक देने का संशोधन था।