

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : मारवाड़ी उद्यमियों को एक साझा मंच पर लाने, युवा पीढ़ी को पारंपरिक कारोबार से जोड़ने और आपसी सहयोग के जरिए व्यावसायिक गतिविधियों को विस्तार देने के उद्देश्य से मारवाड़ी बिजनेस एंड सोशल कम्युनिटी (एमबीएससी) ने अपनी विस्तार योजना तैयार की है। संगठन कोलकाता के बाद रांची, गुवाहाटी, भुवनेश्वर और सिलीगुड़ी में अपने चैप्टर शुरू करने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दुबई और सिंगापुर तक अपना नेटवर्क पहुंचाने की तैयारी कर रहा है। गुरुवार को महानगर स्थित एक होटल में आयोजित ‘मारवाड़ी कारोबारी पंचायत’ में संगठन की भावी योजनाओं और उद्देश्यों को सामने रखा गया। एमबीएससी के कार्यकारी सदस्य सुशील कोठारी ने बताया कि संगठन का मुख्य उद्देश्य मारवाड़ी समाज के कारोबारियों को एक मंच पर लाकर उनके बीच व्यावसायिक सहयोग और सामाजिक संबंधों को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवा पीढ़ी का रुझान कारोबार के बजाय नौकरी की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में एमबीएससी की कोशिश है कि युवाओं को कारोबार के अवसरों, अनुभवों और संभावनाओं से परिचित कराया जाए, ताकि वे उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ सकें।
कारोबारियों के अनुभवों से मिलेगी युवाओं को प्रेरणा
सुशील कोठारी के अनुसार, ‘मारवाड़ी कारोबारी पंचायत’ की अवधारणा कारोबार में स्थापित उद्यमियों के अनुभवों को साझा करने पर आधारित है। विभिन्न क्षेत्रों में ऊंचा मुकाम हासिल करने वाले कारोबारियों को पंचायत में ‘सरपंच’ की भूमिका दी जाती है। वे अपने अनुभवों, व्यावसायिक चुनौतियों, कारोबार बढ़ाने के तरीकों और उपलब्ध अवसरों पर विचार रखते हैं। इसका उद्देश्य नए उद्यमियों और युवा कारोबारियों को मार्गदर्शन देना तथा आपसी सहयोग की संभावनाएं विकसित करना है। उन्होंने बताया कि एमबीएससी केवल व्यावसायिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक सरोकार भी संगठन के कार्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और बुजुर्गों की देखभाल जैसे विषयों पर संगठन विशेष ध्यान दे रहा है। कोठारी ने कहा कि संगठन का प्रयास है कि बुजुर्ग माता-पिता को वृद्धाश्रमों में छोड़ने के बजाय परिवार में ही उनकी देखभाल की जाए। इसके साथ ही वृद्धाश्रमों में जाकर सेवा करना और गोसेवा जैसी गतिविधियां भी संगठन के सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल हैं।
कारोबारी पंचायत में शामिल रहे प्रमुख उद्यमी एवं सदस्य
सुशील कोठारी ने बताया कि एमबीएससी की स्थापना को लगभग एक वर्ष हुआ है और इस दौरान संगठन से करीब 150 सदस्य जुड़ चुके हैं। अब तक तीन-चार कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। हालांकि, ‘मारवाड़ी कारोबारी पंचायत’ के स्वरूप में बंगाल में यह पहला आयोजन है। संगठन का लक्ष्य सदस्यता बढ़ाने के साथ विभिन्न शहरों में अपनी उपस्थिति मजबूत करना है। कार्यक्रम में आर.आर. अग्रवाल ज्वेलर्स के रतन अग्रवाल, ममता बिनानी, विन पेंस के मनीष जालान, टुडेज बॉल पेन के पवन द्रोलिया, माला साड़ीज के बिनोद केडिया, भास्कर टेक्सटाइल्स के अनिल के. चानानी और सन्मार्ग के एमडी विवेक गुप्त सहित कई प्रमुख कारोबारी हस्तियां शामिल हुईं। आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने संगठन की सदस्यता के लिए पंजीयन भी कराया।
वंदना अग्रवाल के नेतृत्व में आयोजन
कार्यक्रम को सफल बनाने में एमबीएससी की फाउंडर वंदना अग्रवाल के नेतृत्व में मुख्य कार्यकारिणी सदस्य विवेक कनोड़िया, सुशील कोठारी, संजय अग्रवाल, नवीन बिहानी और उदित सुरेखा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके अलावा करुणा सराफ, विकास अग्रवाल, प्रियंका सहारन, पीयूष राठी, सौरव सुरेका, प्रियंका झुनझुनवाला, अभिषेक तापड़िया और रिची मोरे ने भी सक्रिय योगदान दिया। एमबीएससी की योजना कारोबारियों के बीच प्रतिस्पर्धा के बजाय सहयोग की भावना को बढ़ावा देने की है, ताकि अनुभवी उद्यमियों, नए कारोबारियों और युवा पीढ़ी को जोड़कर एक व्यापक कारोबारी नेटवर्क विकसित किया जा सके। संगठन के अनुसार, आने वाले समय में विभिन्न शहरों में चैप्टर शुरू करने और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का विस्तार करने के साथ सामाजिक सेवा गतिविधियों को भी आगे बढ़ाया जाएगा।