सुनसान स्थान से चार लोगों के गोलियों से छलनी शव मिले

इलाके में बढ़ा तनाव चारों मृतक तांगखुल नागा समुदाय के बताए गए
सुनसान स्थान से चार लोगों के गोलियों से छलनी शव मिले
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इंफाल : मणिपुर के सीमावर्ती कामजोंग जिले में गुरुवार देर रात एक सुनसान स्थान से चार लोगों के गोलियों से छलनी शव मिलने से इलाके में तनाव बढ़ गया। पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान वारेशिम जाजो, फामी जाजो, बेटर्सन जाजो और निंगथेम कशक के रूप में हुई है। चारों तांगखुल नागा समुदाय से थे। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि म्यांमा की ओर से भारतीय सीमा में आए संदिग्ध उग्रवादियों ने पांच ग्रामीणों के समूह पर घात लगाकर हमला किया था। हालांकि, हमले के पीछे किस संगठन का हाथ है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

म्यांमा सीमा के पास पड़े थे शव

पुलिस के मुताबिक, चारों शव कामजोंग जिले के दूरदराज के पिलोंग गांव में एक सुनसान जगह से बरामद किए गए। यह इलाका म्यांमा की सीमा के निकट है और जिला मुख्यालय से करीब 34 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। पुलिस और स्थानीय लोगों ने काफी देर तक इलाके में तलाश अभियान चलाया। इसके बाद रात करीब डेढ़ बजे चारों शव बरामद किए गए। सभी शवों पर गोलियों के निशान पाए गए हैं। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए कामजोंग जिला अस्पताल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण और घटनाक्रम से जुड़े कुछ और तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

पांच ग्रामीणों पर घात लगाकर हमले का आरोप

स्थानीय लोगों के अनुसार, गुरुवार को पांच ग्रामीणों का एक समूह इलाके में मौजूद था। इसी दौरान म्यांमा की ओर से कथित तौर पर कुछ उग्रवादी भारतीय सीमा में दाखिल हुए और उन्होंने ग्रामीणों पर घात लगाकर हमला कर दिया। हमले के दौरान चार लोगों की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि पांचवां व्यक्ति किसी तरह वहां से बच निकलने में सफल रहा। उसने बाद में स्थानीय अधिकारियों और लोगों को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद लापता ग्रामीणों की तलाश शुरू की गई। हालांकि, पुलिस ने अभी तक हमले में शामिल लोगों की पहचान या उनकी गतिविधियों के बारे में आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी है।

एनपीएफ ने की हत्याओं की निंदा

नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के प्रदेश अध्यक्ष अवांगबौ न्यूमै ने चार ग्रामीणों की हत्या की निंदा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि वारदात के पीछे कुकी नेशनल आर्मी (बर्मा) के सदस्य हो सकते हैं। हालांकि, यह आरोप फिलहाल राजनीतिक संगठन की ओर से लगाया गया है और इसकी स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा और निगरानी बढ़ाए जाने की संभावना है। न्यूमै ने सभी समुदायों से हिंसा छोड़ने और शांतिपूर्ण पड़ोसियों के रूप में रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि हिंसा से किसी भी समुदाय को स्थायी समाधान नहीं मिल सकता और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए सभी पक्षों को संयम बरतना चाहिए।

सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा चुनौती

कामजोंग जिला मणिपुर के उन इलाकों में शामिल है जो म्यांमा की अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे हुए हैं। दुर्गम भौगोलिक स्थिति और सीमावर्ती इलाकों में आवाजाही के कारण यहां सुरक्षा एजेंसियों के लिए निगरानी एक चुनौती बनी रहती है। चार ग्रामीणों की हत्या की इस घटना ने एक बार फिर सीमा से लगे गांवों में सुरक्षा व्यवस्था और स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और हमले की परिस्थितियों तथा इसमें शामिल लोगों की पहचान का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

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