

कोलकाता: मध्य प्रदेश की नीट अभ्यर्थी आकांक्षा चतुर्वेदी की कथित आत्महत्या पर पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने गहरा दुख जताते हुए केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश ने एक ऐसी युवा जिंदगी खो दी है, जिसके भीतर सपनों का पूरा संसार बसता था।
सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में ममता बनर्जी ने कहा कि यह केवल एक छात्रा की मौत नहीं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था में बढ़ती अनिश्चितता और अव्यवस्था का दर्दनाक प्रतीक है। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि एक सपना बुझ गया, लेकिन उसका दर्द परिवार के साथ जीवनभर बना रहेगा। ममता ने आरोप लगाया कि पेपर लीक, परीक्षा में अनियमितताओं और प्रशासनिक विफलताओं ने छात्रों की मेहनत और प्रतिभा को दांव पर लगा दिया है। उनके अनुसार, केंद्र सरकार की नीतियों ने युवाओं की उम्मीदों को निराशा में बदल दिया है और शिक्षा व्यवस्था में लोगों का भरोसा कमजोर किया है।
उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले की रहने वाली 18 वर्षीय आकांक्षा चतुर्वेदी नागपुर में रहकर नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थीं। 20 मई को वह अपने कमरे में मृत पाई गईं। परिवार को बाद में मिले एक कथित सुसाइड नोट से संकेत मिला कि नीट परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की खबरों के कारण वह मानसिक तनाव और अवसाद से जूझ रही थीं। डॉक्टर बनकर अपने परिवार को गरीबी से बाहर निकालने का सपना देखने वाली आकांक्षा की मौत ने एक बार फिर देश की प्रतियोगी परीक्षा व्यवस्था और छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।