

पश्चिम अफ्रीकी देश माली में जिहादी आतंकियों और विद्रोहियों के बड़े और सुनियोजित हमले में रक्षा मंत्री जनरल सादियो कमारा की मौत हो गई। सरकार ने आधिकारिक बयान जारी कर इसकी पुष्टि की और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
शनिवार को राजधानी बमाको समेत कई शहरों और सैन्य ठिकानों पर एक साथ हमले किए गए, जिन्हें हाल के समय के सबसे बड़े हमलों में गिना जा रहा है। हमलावरों ने कई क्षेत्रों और सैन्य अड्डों पर कब्जा भी कर लिया।
सरकारी बयान के अनुसार, कमारा के आवास को आत्मघाती कार बम और अन्य हमलावरों ने निशाना बनाया। उन्होंने हमलावरों का डटकर मुकाबला किया, लेकिन गंभीर रूप से घायल होने के बाद अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उनका निधन हो गया।
इस हमले ने माली की सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ उसके सहयोगी रूस की मौजूदगी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके सैनिक देश में तैनात हैं। हालांकि, हमले में मारे गए लोगों की कुल संख्या अभी तक स्पष्ट नहीं की गई है, जबकि पहले कम से कम 16 लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई थी।
इधर, अलगाववादी संगठन अजावाद लिबरेशन फ्रंट ने दावा किया है कि हमलों के बाद माली और रूसी बल किदाल से पीछे हट गए हैं। संगठन के प्रवक्ता ने “किदाल की आजादी” का ऐलान भी किया।
रविवार देर रात सेना प्रमुख जनरल उमर डियारा ने स्वीकार किया कि सेना किदाल छोड़ चुकी है और अब उसके दस्ते अनेफिस क्षेत्र में पुनः तैनात किए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि उत्तरी माली में अलगाववादी समूह लंबे समय से स्वतंत्र राज्य की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। किदाल पहले उनका मजबूत गढ़ रहा है, जिसे 2023 में माली की सेना और रूसी बलों ने अपने नियंत्रण में लिया था।