

नई दिल्ली : देश में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने और ईरान युद्ध के संभावित आर्थिक प्रभाव को कम करने के लिए केंद्र सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आयकर कानून में संशोधन संबंधी एक अध्यादेश को मंजूरी दे दी है।
प्रस्तावित बदलाव के तहत भारतीय सरकारी प्रतिभूतियों (G-Secs) में निवेश करने वाले विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) पर लगने वाला लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यह फैसला लागू होगा।
वर्तमान में विदेशी निवेशकों को 12 महीने से अधिक अवधि तक रखे गए बॉन्ड और सूचीबद्ध शेयरों पर 12.5 प्रतिशत LTCG टैक्स देना पड़ता है। इसके अलावा सरकारी बॉन्ड से मिलने वाले ब्याज पर 20 प्रतिशत विदहोल्डिंग टैक्स भी लागू है।
सूत्रों के मुताबिक, इस वर्ष विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये की निकासी की है। ऐसे में सरकार विदेशी निवेश को आकर्षित करने और बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए कर राहत देने पर विचार कर रही है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी हाल ही में पूंजीगत लाभ कर में कटौती को लेकर निवेशकों की राय सुनने की बात कह चुकी हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में विदेशी निवेश और विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने के लिए सरकार और भी बड़े कदम उठा सकती है।