

नई दिल्ली : विपक्षी गठबंधन INDIA ने सोमवार को केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा तेज करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की। गठबंधन ने आरोप लगाया कि NEET-UG और CBSE की परीक्षाओं से जुड़े विवादों के कारण लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है।
दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में हुई INDIA गठबंधन की बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि विपक्ष "वोट लूट", मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों पर भारत के प्रधान न्यायाधीश को पत्र लिखेगा।
खरगे ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर विवादों को देखते हुए गठबंधन ने सर्वसम्मति से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करने का फैसला किया है। उनका आरोप है कि मंत्री के कार्यकाल में परीक्षा प्रणाली को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हुए हैं, जिससे छात्रों और युवाओं का भरोसा प्रभावित हुआ है।
बैठक में यह भी मांग की गई कि केंद्र सरकार बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं और आर्थिक चुनौतियों पर चर्चा के लिए तत्काल सर्वदलीय बैठक बुलाए। विपक्षी दलों ने संसद के मानसून सत्र में समन्वित रणनीति के साथ सरकार को घेरने का भी फैसला किया।
बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, सुप्रिया सुले समेत 23 दलों के वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। गठबंधन ने तय किया कि उसके शीर्ष नेताओं की बैठक अब हर दो महीने में होगी और अगली बैठक हैदराबाद में आयोजित की जाएगी।