

गुवाहाटी: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन करने वालों के पक्ष में असम सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने और गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए सभी लोगों को रिहा करने का निर्णय लिया है।
सोमवार देर रात जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, छात्रों और युवाओं के नेतृत्व में हुए इन प्रदर्शनों के दौरान राज्य में कुल पांच मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। सरकार ने अब इन सभी मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने का निर्देश दिया है।
गृह एवं राजनीतिक विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय तिवारी द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि यह फैसला स्थिति के सभी पहलुओं पर विचार करने, परीक्षा और उच्च शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही मजबूत करने तथा आवश्यक संस्थागत सुधारों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए सभी लोगों की जल्द रिहाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, राज्य का कोई भी पुलिस प्राधिकारी इन विरोध प्रदर्शनों में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आगे कोई प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई शुरू नहीं करेगा।
गौरतलब है कि 23 जुलाई को गुवाहाटी में NEET प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी। साथ ही, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के प्रति एकजुटता भी जताई थी।