

वॉशिंगटन : अमेरिका ने चीन की कई बड़ी कंपनियों के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए उन्हें चीनी सेना (PLA) से जुड़ी कंपनियों की सूची में शामिल कर दिया है। अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) द्वारा जारी 1260H सूची के ताजा अपडेट में Alibaba Group, Baidu, BYD, NIO और WuXi AppTec समेत कई प्रमुख चीनी कंपनियों के नाम जोड़े गए हैं।
इस कदम का उद्देश्य अमेरिकी कंपनियों, निवेशकों और सरकारी एजेंसियों को उन संस्थाओं के प्रति सतर्क करना है, जिनके बारे में अमेरिका का दावा है कि उनके चीन की सैन्य व्यवस्था से संबंध हैं। सूची में शामिल कंपनियों को अब अमेरिका में निवेश, सरकारी अनुबंध और कारोबारी अवसरों को लेकर अतिरिक्त जांच और प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।
अमेरिका की चीन संबंधी चयन समिति (Select Committee on the Chinese Communist Party) ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए जरूरी कदम है। समिति के अध्यक्ष जॉन मूलनेर ने कहा कि यह सूची अमेरिकी व्यवसायों और निवेशकों के लिए एक स्पष्ट चेतावनी है कि वे उन कंपनियों से दूरी बनाए रखें जो कथित तौर पर चीन की सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने में योगदान दे रही हैं।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी शेयर बाजारों में सूचीबद्ध ऐसी कंपनियों को डीलिस्ट करने पर भी विचार किया जाना चाहिए और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े क्षेत्रों की आपूर्ति श्रृंखला से उनके उत्पादों को हटाया जाना चाहिए।
पेंटागन की अपडेटेड सूची में Alibaba, Baidu, BYD, NIO और WuXi AppTec के अलावा BOE Technology Group, CALB Group, EVE Energy, Unitree Robotics, JA Solar, Novogene, RoboSense, Tianma Microelectronics, TP-Link Technologies, Trina Solar और Zhongji Innolight जैसी कंपनियां भी शामिल हैं।
अमेरिकी सांसदों का आरोप है कि इनमें से कुछ कंपनियां प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से चीन की सैन्य परियोजनाओं और तकनीकी विकास कार्यक्रमों से जुड़ी हुई हैं। हालांकि, संबंधित कंपनियां पहले भी ऐसे आरोपों को खारिज करती रही हैं और खुद को स्वतंत्र व्यावसायिक संस्थाएं बताती रही हैं।
विशेष रूप से बायोटेक क्षेत्र की कंपनी WuXi AppTec को लेकर भी अमेरिका में चिंताएं जताई गई हैं। अमेरिकी नेताओं का कहना है कि संवेदनशील स्वास्थ्य और जैविक डेटा की सुरक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा का अहम हिस्सा है और इस दिशा में सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
इस फैसले को अमेरिका और चीन के बीच तकनीकी, आर्थिक और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में इसका असर वैश्विक निवेश, तकनीकी उद्योग और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है।