

कानपुरः वीआईपी रोड पर हुए ‘हाई-प्रोफाइल’ लैंबॉर्गिनी दुर्घटना मामले में गिरफ्तार तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा को कोर्ट ने जमानत दे दी है। पुलिस द्वारा ठोस सबूत नहीं दिये जाने के कारण ही कोर्ट ने दुर्घटना के आरोपी को जमानत दे दी। उसे आज सुबह नौ बजे गिरफ्तारी के बाद कानपुर की एक अदालत में पेश किया गया था। पुलिस ने 14 दिनों की रिमांड की मांग की थी, लेकिन मात्र सात घंटे में कई लोगों को अपनी गाड़ी से उड़ाने के आरोपी को पुलिस की गिरफ्त से मुक्ति मिल गई।
शिवम मिश्रा के वकील नरेश चंद्र त्रिपाठी ने कहा, "कोर्ट ने रिमांड देने से मना कर दिया है। उन्हें (शिवम मिश्रा) अब 20,000 रुपये के अंडरटेकिंग और 20,000 के पर्सनल बॉन्ड पर रिहा किया जा रहा है। पुलिस सरकार के दबाव में काम कर रही थी... पुलिस ने उन्हें (शिवम मिश्रा को) गलत तरीके से गिरफ्तार किया था।"
शिवम मिश्रा को जमानत मिलने पर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं क्योंकि पुलिस ने कहा था कि उसके पास सबूत है कि शिवम मिश्रा ही गाड़ी चला रहा था।
इस गिरफ्तारी से एक दिन पहले मोहन नामक वाहन चालक ने दावा किया था कि घटना के समय गाड़ी वह चला रहा था और उसने स्थानीय अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था। अदालत ने उसकी आत्मसमर्पण याचिका को खारिज कर दिया था क्योंकि पुलिस ने अपने इस रुख को बरकरार रखा कि उसके पास यह साबित करने के लिए सबूत हैं कि वाहन शिवम चला रहा था।
गिरफ्तारी का समय नहीं बताया गया
आज सुबह कानपुर के पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने कहा था कि आरोपी शिवम मिश्रा (35) को गिरफ्तार कर लिया गया है। कानपुर सेंट्रल के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि इस बात की जानकारी मिली थी कि शिवम मिश्रा कानपुर आया है, जिसके बाद पुलिस ने तेजी दिखाते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, पुलिस ने गिरफ्तारी की सटीक जगह नहीं बताई और बस यह पुष्टि की कि शिवम को कानपुर से गिरफ्तार किया गया।
अधिकारी के अनुसार, पुलिस ने शिवम को पूर्वाह्न करीब 10 बजे अपर मुख्य दंडाधिकारी (एसीजेएम) की अदालत में पेश किया और 14 दिन की न्यायिक हिरासत का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि शुरुआती पूछताछ के बाद शिवम को अदालत में पेश किया गया। डीसीपी ने बताया कि शिवम जांच में सहयोग नहीं कर रहा था और पूछताछ के लिए पुलिस के सामने पेश नहीं हो रहा था इसलिए उसे ढूंढने और गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की पांच टीम गठित की गई थीं।
गिरफ्तारी को लेकर पुलिस के बयान में अंतर
इससे पहले, एक पुलिस अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा था कि मिश्रा को एक अस्पताल से गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उन्होंने जगह नहीं बताई थी। बाद में उन्होंने बताया कि पुलिस को जानकारी मिली थी कि आरोपी किसी कारण से कानपुर आया है जिसके बाद उसे शहर से गिरफ्तार किया गया। जिला शासकीय अधिवक्ता (अपराध) दिलीप अवस्थी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने यह मामला पेश किया, जबकि बचाव पक्ष ने आरोपी के लिए जमानत का अनुरोध किया।
रविवार को दोपहर करीब तीन बजे पॉश ग्वाल्टोली इलाके में 10 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाली इतालवी लग्जरी स्पोर्ट्स कार लैंबॉर्गिनी रेवुएल्टो ने पैदल यात्रियों और वाहनों को टक्कर मार दी थी जिससे छह लोग घायल हुए थे।
क्या है हाई-प्रोफाइल लैंबॉर्गिनी दुर्घटना
कानपुर की हाई-प्रोफाइल लैंबॉर्गिनी दुर्घटना एक तेज, चर्चित सड़क हादसा है जिसने उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में सुर्खियां बनाई हैं। एक लग्जरी स्पोर्ट्स कार लैंबॉर्गिनी कानपुर के वीआईपी रोड के ग्वालिटोली इलाके में एक भीड़-भरी सड़क पर नियंत्रण खो बैठी। यह कार तेज रफ्तार में थी और पहले एक ऑटो-रिक्शा और फिर एक पार्क की गई बाइक से टकराई, साथ ही पैदल चल रहे लोगों को भी धक्का मारा। इस हादसे में कम से कम 6 लोग घायल हुए थे और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने कार जब्त कर ली और तत्काल जांच शुरू की।
आरोपी को बचाने की कोशिश
पुलिस और जांच एजेंसियों ने एफआईआर दर्ज की जिसमें शिवम मिश्रा का नाम मुख्य आरोपी के तौर पर शामिल किया गया है। वे कानपुर के एक प्रतिष्ठित तंबाकू कारोबारी के बेटे बताए गये। शिवम को गिरफ्तार भी किया गया है और उन्हें कोर्ट में पेश किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस, CCTV फुटेज और गवाहों के हवाले से कह रही है कि शिवम मिश्रा ही कार चला रहा था। दूसरी तरफ शिवम के वकील और कुछ दस्तावेजों में यह दावा किया गया है कि वास्तव में उनका ड्राइवर मोहन गाड़ी चला रहा था जब हादसा हुआ। कोर्ट में इस बारे में अलग-अलग दावे और दस्तावेज पेश किए जा रहे हैं।