एसपीएम पोर्ट और अदाणी पोर्ट के संयुक्त प्रयास से निखरेगा कुम्हारटोली घाट

दुर्गापूजा से पहले कार्य पूरा करने का रखा गया लक्ष्य रिवरफ्रंट बनेगा विरासत और आधुनिकता का संगम
कुम्हारटोली घाट का प्रस्तावित नक्शा
कुम्हारटोली घाट का प्रस्तावित नक्शा
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केडी पार्थ, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : कुम्हारटोली कोलकाता की सांस्कृतिक आत्मा है और इस परियोजना के माध्यम से हम केवल बुनियादी ढांचे का विकास नहीं, बल्कि बंगाल की पहचान से जुड़ी एक ऐतिहासिक विरासत को नया जीवन दे रहे हैं। श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट, कोलकाता (एसएमपीए) के चेयरमैन रथेन्द्र रमन के इसी विजन को साकार करने के लिए एसएमपीए और अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) ने कुम्हारटोली घाट रिवरफ्रंट के पुनर्विकास कार्य को शुरू कर दिया है। करीब 10 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को दुर्गापूजा 2026 से पहले पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।

विरासत को संजोते हुए होगा नया विकास

कुम्हारटोली घाट से चंपातला घाट तक लगभग 300 मीटर लंबे नदी तट क्षेत्र का पुनरुद्धार किया जाएगा। परियोजना के तहत ऐतिहासिक घाटों, मंदिरों और पूजा स्थलों का संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण किया जाएगा ताकि क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान अक्षुण्ण बनी रहे।

श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

घाट क्षेत्र में नदी किनारे की सुरक्षा मजबूत करने के साथ पैदल यात्रियों के लिए सुविधाजनक मार्ग, उन्नत पूजा मंच और नदी तक सुगम पहुंच विकसित की जाएगी। इससे स्थानीय लोगों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्राप्त होगा।

सांस्कृतिक गतिविधियों का बनेगा नया केंद्र

रिवरफ्रंट पर सांस्कृतिक आयोजनों, कारीगरों की गतिविधियों, बोटिंग, व्यूइंग डेक, फूड कोर्ट, स्मारिका स्टॉल और सामुदायिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इससे कुम्हारटोली एक जीवंत सार्वजनिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में उभरेगा।

हरित वातावरण के साथ मिलेगी विश्वस्तरीय पहचान

नदी तट पर हरित क्षेत्र विकसित करने के साथ आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा निगरानी और प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। परियोजना पूरी होने के बाद कुम्हारटोली रिवरफ्रंट बंगाल की कलात्मक विरासत और आधुनिक शहरी विकास का अनूठा प्रतीक बनेगा।

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