

मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर पूरे देश के साथ कोलकाता में भी योग और स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसी क्रम में कोलकाता पुलिस द्वारा 19 जून को एक विशेष योग एवं दौड़ कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसने स्थानीय लोगों और पुलिसकर्मियों के बीच स्वास्थ्य, फिटनेस और अनुशासन के प्रति सकारात्मक संदेश प्रसारित किया।
जेम्स लॉन्ग सरणी स्थित KFR ग्राउंड बना आयोजन स्थल
यह कार्यक्रम जेम्स लॉन्ग सरणी, इंद्रजीत पल्ली स्थित केएफआर (KFR) ग्राउंड में आयोजित किया गया। सुबह ठीक 6:00 बजे कार्यक्रम की शुरुआत हुई। आयोजन में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों, अधिकारियों, युवाओं, विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास और दौड़ में हिस्सा लेकर स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने का संकल्प लिया।
योग सत्र में विशेषज्ञों ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव
कार्यक्रम के दौरान योग प्रशिक्षकों द्वारा विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विधियों का प्रदर्शन किया गया। प्रतिभागियों को नियमित योग करने के लाभों के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने बताया कि योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि मानसिक तनाव को कम कर मन को भी संतुलित और सकारात्मक बनाए रखने में मदद करता है। योग सत्र के बाद फिटनेस रन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। दौड़ का उद्देश्य लोगों को नियमित व्यायाम और सक्रिय जीवनशैली के प्रति प्रेरित करना था। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों में विशेष उत्साह देखने को मिला और सभी ने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का संदेश दिया।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले चला जागरूकता अभियान
कोलकाता पुलिस द्वारा 21 जून को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले इस आयोजन के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता फैलाने का प्रयास किया गया। अधिकारियों ने कहा कि योग और नियमित व्यायाम स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम का समापन स्वास्थ्य, फिटनेस और सामाजिक सहभागिता के संदेश के साथ हुआ। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित यह पहल लोगों को योग और व्यायाम को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करने में सफल रही। कोलकाता पुलिस का यह आयोजन नागरिकों के बीच स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सराहनीय कदम माना जा रहा है।