

केडी पार्थ, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : अदाणी समूह के प्रबंध निदेशक करण अदाणी और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के बीच हुई अहम बैठक ने राज्य में औद्योगिकीकरण और बुनियादी ढांचा विकास को लेकर नई उम्मीदें जगा दी हैं। उद्योग जगत का मानना है कि बंद कमरे में हुई इस बैठक में ग्रीनफील्ड सड़क परियोजनाओं, बिजली क्षेत्र और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के विस्तार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई होगी। नई सरकार के गठन के बाद राज्य में निवेश आकर्षित करने की दिशा में यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
विकसित करने की रणनीति पर काम
सूत्रों के अनुसार, पश्चिम बंगाल सरकार राज्य को पूर्वी भारत के प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करने की रणनीति पर काम कर रही है। ऐसे में अदाणी समूह जैसी देश की अग्रणी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी की भागीदारी राज्य की विकास योजनाओं को गति दे सकती है। इससे पहले भी ताजपुर पोर्ट समेत कई बड़े परियोजनाओं में अदाणी समूह की रुचि सामने आ चुकी है।
पोर्ट-केंद्रित इंफ्रास्ट्रक्चर की महत्वपूर्ण भूमिका
करण अदाणी कई अवसरों पर कह चुके हैं कि भारत की आर्थिक प्रगति में लॉजिस्टिक्स और पोर्ट-केंद्रित इंफ्रास्ट्रक्चर की महत्वपूर्ण भूमिका है। उनका मानना है कि बेहतर बंदरगाह, आधुनिक वेयरहाउसिंग, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और मजबूत सप्लाई चेन न केवल व्यापार लागत को कम करते हैं, बल्कि उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी बढ़ाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पश्चिम बंगाल में इन क्षेत्रों में बड़े निवेश होते हैं तो राज्य को रोजगार सृजन, औद्योगिक उत्पादन और निर्यात वृद्धि का लाभ मिल सकता है। हालांकि बैठक के एजेंडे और संभावित निवेश प्रस्तावों को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन उद्योग जगत इसे राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और निजी निवेश के नए दौर की संभावित शुरुआत के रूप में देख रहा है।