

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : कलकत्ता चैंबर ऑफ कॉमर्स की 195वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने बंगाल में निवेश, विनिर्माण, निर्यात और रोजगार बढ़ाने के लिए औद्योगिक शहरों, आधुनिक बुनियादी ढांचे और नई तकनीक पर जोर दिया। पश्चिम बंगाल सरकार की प्रधान सचिव वंदना यादव ने बेहतर लॉजिस्टिक्स, कौशल विकास और केंद्र-राज्य सहयोग को जरूरी बताया। चैंबर अध्यक्ष अनंत सहारिया ने पूर्वी भारत को वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं से जोड़ने पर बल दिया। एजीएम को संबोधित करते हुए प्रसाद ने कहा कि केंद्र की औद्योगिक शहर योजना के तहत बंगाल में आधुनिक बुनियादी ढांचा विकसित किया जाएगा। स्थानीय निवेशक और उद्योग इन शहरों में अपनी इकाइयां स्थापित कर सकेंगे। इससे निवेश के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि बंगाल के युवाओं को एआई, सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर जैसे भविष्य के क्षेत्रों के लिए प्रशिक्षित करने की जरूरत है।
एफटीए से वैश्विक बाजार तक पहुंच
प्रसाद ने कहा कि भारत के विभिन्न देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते उद्योगों और एमएसएमई के लिए नए बाजार खोल रहे हैं। उन्होंने कंपनियों से अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप उत्पादन करने का आह्वान किया। विदेशी कंपनियों से भारत को केवल बाजार के रूप में देखने के बजाय भारतीय उद्योगों, स्टार्टअप और युवाओं के साथ साझेदारी करने की अपील की।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने ‘जन विश्वास’ जैसी पहलों के जरिए अनावश्यक प्रक्रियाओं और पुराने प्रावधानों को हटाने की बात कही। उन्होंने निर्यात संबंधी सुविधाओं को जिला स्तर तक पहुंचाने और डीजीएफटी की प्रक्रियाओं को सरल एवं पारदर्शी बनाने पर जोर दिया।
सेमीकंडक्टर और एआई में संभावनाएं
वंदना यादव ने कहा कि बंगाल की स्टील, इंजीनियरिंग, कपड़ा और जहाज निर्माण जैसी पारंपरिक औद्योगिक ताकतों को सेमीकंडक्टर, ग्रीन स्टील, खाद्य प्रसंस्करण और आधुनिक तकनीक से जोड़ने की जरूरत है। उन्होंने सड़क, रेल और औद्योगिक बुनियादी ढांचे के साथ कौशल विकास को जरूरी बताया।
वैश्विक मूल्य श्रृंखला से जुड़ने पर बल
अनंत सहारिया ने कहा कि विकसित भारत @2047 के लिए मजबूत विनिर्माण, नवाचार, उत्पादकता, कौशल और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं से गहरा जुड़ाव आवश्यक है। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉजिस्टिक्स, उन्नत विनिर्माण और नवीकरणीय ऊर्जा में बंगाल की संभावनाओं का उल्लेख किया। एजीएम में शताधिक सदस्य और व्यापार जगत के प्रतिनिधि उपस्थित थे।