

टोक्यो: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच Japan ने संकेत दिया है कि वह Strait of Hormuz में माइंस हटाने (माइनस्वीपिंग) के लिए अपनी सेना तैनात करने पर विचार कर सकता है—लेकिन यह कदम तभी उठाया जाएगा जब Iran से जुड़े संघर्ष में पूर्ण युद्धविराम हो जाए।
जापान के विदेश मंत्री Toshimitsu Motegi ने कहा कि यह केवल एक काल्पनिक (hypothetical) स्थिति है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर युद्धविराम के बाद समुद्री बारूदी सुरंगें जहाजों की आवाजाही में बाधा बनती हैं, तो जापान इस दिशा में कदम उठा सकता है।
जापान का संविधान द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से उसकी सैन्य गतिविधियों को सीमित करता है, लेकिन 2015 के सुरक्षा कानूनों के तहत विशेष परिस्थितियों में Japan Self-Defense Forces को विदेश में तैनात किया जा सकता है, खासकर तब जब देश की सुरक्षा या उसके सहयोगियों पर खतरा हो।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अहम मार्ग है, जहां से दुनिया का लगभग 20% तेल गुजरता है। जापान अपनी लगभग 90% तेल जरूरतों के लिए इसी मार्ग पर निर्भर है। मौजूदा संघर्ष के कारण इस रास्ते पर गंभीर बाधाएं आई हैं, जिससे वैश्विक तेल कीमतों में उछाल देखा गया है।
इस बीच, Abbas Araqchi ने जापान से बातचीत में जापानी जहाजों को सुरक्षित मार्ग देने के मुद्दे पर चर्चा की है। वहीं, Donald Trump ने जापान से इस क्षेत्र में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया है।
जापान की प्रधानमंत्री Sanae Takaichi ने कहा कि उन्होंने अमेरिका को स्पष्ट कर दिया है कि जापान अपने कानूनों के तहत किस हद तक सहयोग कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जापान इस क्षेत्र में सैन्य भूमिका निभाता है, तो यह वैश्विक भू-राजनीति में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है और तेल आपूर्ति की सुरक्षा पर महत्वपूर्ण असर डाल सकता है।