वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन से मरने वालों की संख्या बढ़कर 32 हुई

डोडा में 4 की मौत, जम्मू में बारिश का 115 साल का रिकॉर्ड टूटा, 58 ट्रेनें रद्द
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कटरा में वीरान पड़ा वैष्णो देवी मंदिर मार्ग का प्रवेश द्वार
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जम्मू/श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर में पिछले दो दिन में रिकॉर्ड बारिश के बाद संबंधित घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 36 हो गयी, जिनमें से वैष्णो देवी मार्ग पर हुए भूस्खलन की चपेट में आये लोग भी शामिल हैं। वैष्णो देवी में भूस्खलन की घटना में बचावकर्मियों द्वारा मलबे से और शव निकाले जाने के बाद हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 32 हो गयी है। इस बीच जम्मू में बारिश का 115 साल का रिकॉर्ड टूट गया। जम्मू क्षेत्र में उफनती नदियों के जलस्तर में कमी आने के बीच अनंतनाग और श्रीनगर में झेलम नदी का जलस्तर बाढ़ की चेतावनी के निशान को पार कर गया तथा कई रिहायशी इलाकों में पानी घुस गया। जलाशयों में बाढ़ के कारण कई प्रमुख पुलों, घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों सहित सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। उत्तर रेलवे ने भारी बारिश से हुई तबाही के मद्देनजर बुधवार को जम्मू और कटरा स्टेशनों से आने-जाने वाली 58 ट्रेनों को रद्द कर दिया जबकि 64 ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों पर बीच में ही रोक दिया गया।

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भूस्खलन की भेंट चढ़े लोगों के पार्थिव अवशेष अस्पताल लाये जा रहे

मलबे से 30 शव बरामद, 2 ने अस्पताल में दम तोड़ा

केंद्रशासित प्रदेश के रियासी जिले में पर्वतीय क्षेत्र में स्थित वैष्णो देवी मंदिर के मार्ग पर एक दिन पहले भूस्खलन हुआ था। लगातार और भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन में 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज हो रहा है। मंगलवार को डोडा जिले में तीन महिलाओं सहित चार लोगों की मौत हो गयी, जबकि जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग वाहनों की आवाजाही के लिए बंद रहा। मलबे में और लोगों के फंसे होने की आशंका के चलते बचाव दल तलाश जारी रखे हुए हैं। मलबे से 30 शव बरामद किये गये हैं जबकि दो घायलों की अस्पताल में मौत हो गयी। मंगलवार को अपराह्न करीब तीन बजे भूस्खलन हुआ और पहाड़ की ढलान से पत्थर, शिलाखंड और चट्टानें नीचे गिरने लगीं। इससे बेखबर लोग इसकी चपेट में आ गये। घटना के बाद वैष्णो देवी मंदिर की तीर्थयात्रा स्थगित कर दी गयी।

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भूस्खलन की भेंट चढ़े लोगों के लिए बिलखते परिजन

दूरसंचार सेवाएं आंशिक रूप से बहाल

मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार सुबह 8:30 बजे से बुधवार सुबह 8:30 बजे तक 380 मिमी बारिश हुई, जो 1910 में शीतकालीन राजधानी में वेधशाला की स्थापना के बाद से 24 घंटे की अवधि में सबसे अधिक बारिश है। अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को बारिश से कुछ राहत मिलने के बाद राहत कार्यों में तेज़ी आयी। क्षेत्र में दूरसंचार सेवाएं 22 घंटे से ज़्यादा समय तक बंद रहने के बाद आंशिक रूप से बहाल कर दी गयीं। वहीं मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला स्थिति का जायजा लेने के लिए श्रीनगर से जम्मू पहुंचे।

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भारी बारिश व बाढ़ का कहर

बाढ़ग्रस्त इलाकों से 10,000 से ज्यादा लोगों को निकाला गया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि प्रशासन सभी प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को जम्मू क्षेत्र में भारी बारिश और बाढ़ से उत्पन्न स्थिति से अवगत कराया है और जम्मू-कश्मीर के लोगों को सहायता प्रदान करने के उनके आश्वासन के लिए आभार व्यक्त किया है। अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के बाढ़ग्रस्त इलाकों से 10,000 से अधिक लोगों को निकाला गया है।

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बस्तियों में मचायी तबाही

विभिन्न स्टेशनों पर रुकी हैं ट्रेनें

उत्तर रेलवे ने जम्मू कश्मीर में भारी बारिश से हुई तबाही के मद्देनजर बुधवार को जम्मू और कटरा स्टेशनों से आने-जाने वाली 58 ट्रेनों को रद्द कर दिया जबकि 64 ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों पर बीच में ही रोक दिया गया। एक दिन के निलंबन के बाद रेल यातायात बुधवार सुबह कुछ समय के लिए बहाल हुआ और जम्मू से छह ट्रेन रवाना हुईं। अधिकारियों ने बताया कि चक्की नदी क्षेत्र में बाढ़ और मिट्टी के कटाव के कारण यातायात फिर से रुक गया है। जम्मू मंडल के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) ने बताया कि चक्की नदी में अचानक आयी बाढ़ और मिट्टी के भारी कटाव के कारण, जम्मू मंडल में रेल यातायात अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है। अगली सूचना तक ट्रेनें रद्द रहेंगी या उन्हें बीच में समाप्त कर दिया जायेगा।

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