कौन हैं ईरान के नए सुप्रीम लीडर, जो हैं इजराइल के निशान पर

मोजतबा खामेनेई को देश का नया सर्वोच्च नेता चुना गया है। वह पिछले सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के के बेटे हैं और उन्हें ईरान की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने यह पद दिलाया है।
ईरान के नये सुप्रीम लीडर मोजतबा खामनेई ( फाइल फोटो)
ईरान के नये सुप्रीम लीडर मोजतबा खामनेई ( फाइल फोटो)
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नई दिल्लीः ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को मार दिये जाने के बाद उस पद पर शून्यता पैदा हो गई थी, लेकिन मोजतबा खामेनेई को देश का नया सर्वोच्च नेता चुना गया है। वह पिछले सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के के बेटे हैं और उन्हें ईरान की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने यह पद दिलाया है। यह निर्णय युद्ध की पृष्ठभूमि और तेहरान में राजनीतिक अस्थिरता के बीच आया है।

इधर इजराइल ने कहा है कि वह नये नेता को भी मार देगा। इजराइल के रक्षा मंत्री ने कहा है कि ईरान का जो भी नया नेता होगा, वह हमारे देश को तबाह करने के लिए एजेंडे पर चलेगा तो हम उसे मार देंगे। भले ही वह कोई भी हो और कहीं भी रहे।

बहरहाल मोजतबा के पिता अयातुल्ला अली खामेनेई एक अमेरिकी-इजरायली हमले में मारे गए थे, जिसके बाद देश में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया तेज़ी से शुरू हुई। असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने अंतरिम नेतृत्व काउंसिल भी बनाई थी, जिसमें वरिष्ठ धार्मिक और राजनीतिक अधिकारी शामिल थे, ताकि नए सुप्रीम लीडर के चयन तक सत्ता में खाली जगह न रहे।

मोजतबा खामेनेई धार्मिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर सक्रिय रहे हैं। वह लंबे समय से ईरान की शक्तिशाली इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े रहे हैं और क्लेरिक नेताओं की उस परिषद में भी प्रभाव रखते हैं जो सर्वोच्च नेता चुनती है। उनके चयन से यह संकेत मिलता है कि वर्तमान नेतृत्व सुरक्षा स्थापना और मौजूदा नीति रुख को जारी रखना चाहता है।

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पहले से थे सुप्रीम लीडर की रेस में

यह पहला मौका है जब ईरान के शासन में पिता से बेटे के रूप में सत्ता का हस्तांतरण हुआ है, और यह 1979 के इस्लामी क्रांति के बाद सबसे बड़ा नेतृत्व परिवर्तन माना जा रहा है। सुप्रीम लीडर का पद ईरान में सबसे शक्तिशाली भूमिका होती है, जिसमें सैन्य, धार्मिक और राजनैतिक मामलों में अंतिम निर्णय की शक्ति होती है।

मोजतबा का नाम पहले से सुप्रीम लीडर की रेस में था। हालांकि अभी तक सरकारी स्तर पर पूरी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन विद्वानों की परिषद के निर्णय के अनुसार, मोजतबा खामेनेई को ही नए नेतृत्व के रूप में पूरी शक्ति सौंप दी जा रही है। अंतरिम नेतृत्व काउंसिल ने देश के प्रशासन को तब तक संभाला जब तक यह निर्णय लिया गया।

मोजतबा खामेनेई के बारे में और जानकारी

मोजतबा खामेनेई ईरान के प्रभावशाली शिया धर्मगुरु और सत्ता प्रतिष्ठान से जुड़े चेहरे माने जाते हैं। वह ईरान के सर्वोच्च नेता आयुतुल्ला अली खामनेई के दूसरे बेटे हैं और वर्षों से देश की राजनीतिक-धार्मिक व्यवस्था में परोक्ष प्रभाव के लिए चर्चा में रहे हैं। उनका जन्म 1969 में हुआ था। उन्होंने क़ुम में धार्मिक शिक्षा हासिल की और पारंपरिक शिया धर्मशास्त्र का अध्ययन किया। सार्वजनिक पद बहुत कम संभाले, लेकिन धार्मिक हलकों में उनकी सक्रियता बताई जाती है।

विश्लेषकों के मुताबिक, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और कट्टरपंथी धड़े के साथ उनकी निकटता की चर्चा रही है। 2009 के विवादित राष्ट्रपति चुनावों के समय भी उनका नाम पर्दे के पीछे प्रभाव रखने वालों में लिया गया था, हालांकि आधिकारिक तौर पर उनकी भूमिका स्पष्ट नहीं रही। ईरान में सत्ता का ढांचा निर्वाचित सरकार और धार्मिक नेतृत्व के मिश्रण पर आधारित है। ऐसे में खामेनेई परिवार के किसी सदस्य की बढ़ती भूमिका को लेकर देश के भीतर और बाहर बहस होती रही है। समर्थक इसे निरंतरता मानते हैं, जबकि आलोचक वंशवाद की आशंका जताते हैं।

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