ईरान युद्धः खाड़ी देशों का ट्रंप पर दबाव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि जल्द कोई समझौता नहीं हुआ तो युद्ध को और तेज किया जा सकता है।
डोनाल्ड ट्रंप पर जहां देश में युद्ध रोकने का दबाव है, वहीं खाड़ी देश युद्ध जारी रखना चाहते हैं ( फाइल फोटो )।
डोनाल्ड ट्रंप पर जहां देश में युद्ध रोकने का दबाव है, वहीं खाड़ी देश युद्ध जारी रखना चाहते हैं ( फाइल फोटो )।
Published on

वॉशिंगटनः अमेरिका के सहयोगी खाड़ी देशों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ईरान के खिलाफ युद्ध जारी रखने का आग्रह किया है और कहा है कि एक महीने से जारी हमलों के बावजूद ईरान अभी पर्याप्त रूप से कमजोर नहीं हुआ है। अमेरिका, खाड़ी देश और इजराइल के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों के अनुसार सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और बहरीन के प्रतिनिधियों ने निजी बातचीत में यह संकेत दिया है कि वे चाहते हैं कि सैन्य अभियान तब तक जारी रहे जब तक ईरान में नेतृत्व स्तर पर अहम बदलाव नहीं हो जाता या उसके रुख में बड़ा परिवर्तन नहीं आता। इन अधिकारियों ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर यह जानकारी दी।

खाड़ी देशों की ओर से यह बात ऐसे वक्त में सामने आई है जब ट्रंप यह दावा कर रहे हैं कि ईरान का नेतृत्व कमजोर हुआ है और समझौते के लिए तैयार है। ट्रंप साथ ही ईरान को चेतावनी दे रहे हैं कि यदि जल्द कोई समझौता नहीं हुआ तो युद्ध को और तेज किया जा सकता है। इस बीच, ट्रंप देश के भीतर उस युद्ध के लिए जनसमर्थन जुटाने में संघर्ष कर रहे हैं, जिसमें पूरे पश्चिम एशिया में 3,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और जिसने वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिला कर रख दिया है।

डोनाल्ड ट्रंप पर जहां देश में युद्ध रोकने का दबाव है, वहीं खाड़ी देश युद्ध जारी रखना चाहते हैं ( फाइल फोटो )।
नालंदाः पूजा के दौरान भगदड़, 8 महिलाओं की मौत, कई घायल

ट्रंप लगातार कह रहे हैं कि उन्हें पश्चिम एशिया के अपने सबसे अहम सहयोगियों का पूरा समर्थन मिल रहा है, जिनमें कुछ ऐसे देश भी शामिल हैं जो युद्ध शुरू होने से पहले नए सैन्य अभियान को लेकर हिचकिचा रहे थे। ट्रंप ने रविवार शाम एयर फोर्स वन विमान में पत्रकारों से कहा था, ‘‘सऊदी अरब तेज जवाबी हमले कर रहा है। कतर हमले कर रहा है। संयुक्त अरब अमीरात हमले कर रहा है। कुवैत भी पलटवार कर रहा है। बहरीन भी पीछे नहीं है। वे सभी जवाब दे रहे हैं।’’

खाड़ी देशों में अमेरिकी सैनिक और सैन्य अड्डे मौजूद हैं, जहां से अमेरिका ने ईरान पर हमले किए हैं, लेकिन ये देश खुद सीधे तौर पर इन आक्रामक हमलों में शामिल नहीं हुए हैं।

संबंधित समाचार

No stories found.

कोलकाता सिटी

No stories found.

खेल

No stories found.
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in