

नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत का ऊर्जा क्षेत्र 500 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश के अवसर प्रदान करता है। साथ ही उन्होंने वैश्विक निवेशकों से देश में निवेश करने का आह्वान किया।
‘भारत ऊर्जा सप्ताह’ 2026 को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘ भारत ऊर्जा क्षेत्र के लिए अवसरों की भूमि है क्योंकि मांग लगातार बढ़ रही है, भारत जल्द ही दुनिया का सबसे बड़ा तेल शोधन केंद्र भी बन जाएगा।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश का लक्ष्य 2030 तक तेल एवं गैस क्षेत्र में 100 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करना है। तेल शोधन क्षमता को 26 करोड़ टन प्रति वर्ष से बढ़ाकर 30 करोड़ मिलियन टन प्रति वर्ष किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से सभी क्षेत्रों में सुधार कर रहा है।
भारत-यूरोपीय व्यापार समझौते से नए अवसर
मोदी ने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता, भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते का पूरक है क्योंकि इससे विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा एवं सेवाओं को समर्थन मिलेगा। उन्होंने कहा कि लोग, भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते को ‘‘मदर ऑफ ऑल द डील्स’’ (सबसे अहम समझौता) बता रहे हैं। इस समझौते ने 140 करोड़ भारतीयों के साथ-साथ यूरोपीय लोगों के लिए भी कई अवसर उत्पन्न किए हैं। उनके अनुसार, यह दो अर्थव्यवस्थाओं के बीच समन्वय का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
मोदी ने कहा कि यह समझौता वैश्विक जीडीपी का 25 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार का एक तिहाई हिस्सा है। ‘भारत ऊर्जा सप्ताह’ 2026 ऊर्जा सुरक्षा, स्थिरता एवं समावेशी वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए नीति-निर्माताओं, उद्योगपतियों और नवप्रवर्तकों को एकजुट करने वाला एक प्रमुख वैश्विक मंच है।