

न्यूयॉर्कः अमेरिका ने कहा है कि वह आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षा से जुड़ी 'पैक्स सिलिका' पहल में शामिल होने के लिए भारत को दिए गए निमंत्रण से बेहद उत्साहित है। अमेरिका जल्द ही भारत सरकार के साथ इस पर हस्ताक्षर करेगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच ''शानदार संबंधों'' को रेखांकित करते हुए वॉशिंगटन ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत शायद दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है, जो अपनी मानवीय प्रतिभा के मामले में चीन का मुकाबला कर सकता है।
अमेरिका के आर्थिक मामलों के अवर सचिव जैकब हेलबर्ग ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा, ''हम भारत को पैक्स सिलिका में शामिल होने का निमंत्रण देकर बहुत उत्साहित हैं। मैं भारत सरकार के साथ एक बड़े समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए बस कुछ ही हफ्तों में भारत की यात्रा करूंगा।''
अमेरिका ने पिछले साल दिसंबर में 'पैक्स सिलिका' की शुरुआत की थी। यह एक रणनीतिक पहल है, जिसका उद्देश्य एक सुरक्षित और नवाचार आधारित सिलिकॉन आपूर्ति श्रृंखला बनाना है। इसमें महत्वपूर्ण खनिजों और ऊर्जा इनपुट से लेकर उन्नत विनिर्माण, सेमीकंडक्टर, एआई बुनियादी ढांचे और लॉजिस्टिक तक सब कुछ शामिल है।
ऑस्ट्रेलिया, ग्रीस, इजराइल, जापान, कतर, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात और ब्रिटेन इसके शुरुआती हस्ताक्षरकर्ता हैं। शुरुआत में भारत इसमें शामिल नहीं था।
हेलबर्ग ने कहा कि पैक्स सिलिका की शुरुआत दिसंबर में हुई। जनवरी तक भारत के इसमें शामिल होने पर वैचारिक सहमति बन गई थी। उन्होंने कहा, ''हम अपने भारतीय भागीदारों के साथ चीजों के इतनी तेजी से और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने से बहुत प्रसन्न हैं।'' उन्होंने आगे कहा, ''चीन के बाहर, भारत शायद दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जो अपनी युवा और तकनीकी रूप से प्रशिक्षित प्रतिभा के मामले में चीन का मुकाबला कर सकता है।''
पैक्स सिलिका क्या है
पैक्स सिलिका अमेरिका के नेतृत्व वाली एक अंतरराष्ट्रीय पहल है, जिसका मकसद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर और अन्य अत्याधुनिक तकनीकों के लिए ज़रूरी खनिजों और उत्पादन की आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित, विश्वसनीय और मजबूत बनाना है, ताकि चीन जैसे देशों पर निर्भरता कम हो सके और भरोसेमंद भागीदारों के साथ मिलकर नई तकनीक विकसित की जा सके। 'पैक्स' का मतलब शांति और 'सिलिका' (सिलिकॉन) का मतलब चिप बनाने वाली सामग्री है, जो मिलकर सुरक्षित तकनीकी भविष्य का संकेत देता है।
इसका मकसदा महत्वपूर्ण खनिजों और चिप उत्पादन में किसी एक देश (मुख्यतः चीन) पर अत्यधिक निर्भरता घटाना है। सेमीकंडक्टर डिजाइन, निर्माण, लॉजिस्टिक्स और AI के लिए ऊर्जा ग्रिड को सुरक्षित करना और विश्वसनीय सहयोगियों के साथ मिलकर अगली पीढ़ी की तकनीकों का विकास करना है