

निधि, सन्मार्ग संवाददाता
बशीरहाट: भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर राष्ट्रीय सुरक्षा को पुख्ता करने और घुसपैठ पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए कटीली बाड़ (फेंसिंग) लगाने के काम में तेजी लाई जा रही है। इसी कड़ी में उत्तर 24 परगना जिले के घोजाडांगा सीमा पर स्थित बीएसएफ की 202 बटालियन कैंप में एक उच्चस्तरीय प्रशासनिक समन्वय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सीमा सुरक्षा को मजबूत करना और फेंसिंग के लिए जरूरी जमीन के हस्तांतरण की प्रक्रिया को समय पर पूरा करना था।
राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत हुई इस बैठक में उत्तर 24 परगना की जिला मजिस्ट्रेट शिल्पा गौरीसरिया, बशीरहाट की उप-जिला मजिस्ट्रेट जसलीन कौर और बशीरहाट जिला पुलिस अधीक्षक अलकनंदा भवाल मुख्य रूप से उपस्थित थीं। इनके साथ ही सीमा सुरक्षा बल (BSF) के शीर्ष अधिकारियों और स्वरूपनगर, बादुड़िया, बशीरहाट, हासनाबाद व हिंजलगंज ब्लॉक के प्रशासनिक प्रतिनिधियों ने भी चर्चा में हिस्सा लिया।
बैठक में तय किया गया कि चिह्नित जमीनों के कानूनी हस्तांतरण की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। सीमावर्ती भू-स्वामियों और किसानों से समन्वय बनाकर एनओसी प्राप्त करने के काम को सुव्यवस्थित किया जाएगा, ताकि निर्माण में कोई कानूनी बाधा न आए। इसके अलावा, फेंसिंग के दायरे में आने वाले स्थानीय परिवारों के मकानों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने और उनके उचित पुनर्वास को लेकर मानवीय दृष्टिकोण से रणनीति तैयार की गई। बीएसएफ ने सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीकी उपकरणों की स्थापना पर भी जोर दिया। वर्तमान में इस पूरे प्रोजेक्ट को मिशन मोड में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।