

गुलमर्गः कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर द्वारा इंडिया गठबंधन का नेतृत्व पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सौंपने की बात करने के बाद से इस प्रमुख विपक्षी खेमे में बंटवारा होता साफ दिख रहा है। जहां जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला राहुल गांधी के पक्ष में हैं, वहीं उधर दक्षिण से तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन का नाम भी सामने आया है।
सोमवार को उमर अब्दुल्ला ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का समर्थन करते हुए कहा कि वह बतौर नेता प्रतिपक्ष अपना काम कर रहे हैं और केंद्र सरकार के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को भी घेर रहे हैं। अब्दुल्ला ने यह भी स्पष्ट किया कि ‘इंडिया’ गठबंधन के नेतृत्व पर चर्चा के लिए कोई बैठक नहीं हुई है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में यह बात कही, जिसमें उनसे इन खबरों पर प्रतिक्रिया देने को कहा गया था कि ‘इंडिया’ गठबंधन का एक वर्ग विपक्षी गठजोड़ के नेतृत्व के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नाम आगे बढ़ा रहा है।
वहीं तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन को भी दावेदार बताया जा रहा है। स्टालिन के बेटे और उपमुख्यमंत्री उदयनिधि मारन ने दावा कि उनके पिता देश में सबसे अधिक पसंंद किये जाने वाले नेता है। उन्होंने आज कोयम्बटूर में कहा, "एमके स्टालिन एक ऐसे नेता हैं जो न सिर्फ तमिलनाडु बल्कि पूरे देश को गाइड करते हैं। पूरे भारत में कई विपक्षी नेताओं का मानना है कि एमके स्टालिन के नेतृत्व में भाजपा के खिलाफ डेमोक्रेटिक लड़ाई लड़ी जानी चाहिए।"
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गुलमर्ग में ‘खेलो इंडिया’ शीतकालीन खेल के दौरान संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि कहां इस बारे में बात हो रही है।’’ अब्दुल्ला की नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन का हिस्सा है।
मणिशंकर अय्यर ने क्या कहा था
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने रविवार को कोलकाता में कहा था कि पार्टी को ‘इंडिया’ गठबंधन की कमान क्षेत्रीय पार्टियों को सौंप देनी चाहिए और उन्होंने बनर्जी का नाम सुझाया था। अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘मणिशंकर अय्यर ने अपनी निजी राय व्यक्त की है। उन्हें अपनी राय रखने का अधिकार है। कोई यह नहीं कह सकता कि उन्हें अपने मन की बात कहने का अधिकार नहीं है।’’ हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि नेतृत्व के मुद्दे पर अंतिम निर्णय ‘इंडिया’ गठबंधन द्वारा लिया जाएगा।
फिलहाल नेतृत्व पर कोई चर्चा नहीं
उमर ने कहा, ‘‘लेकिन आखिरकार, जब कोई निर्णय लिया जाएगा, तो वह ‘इंडिया’ गठबंधन द्वारा लिया जाएगा। सभी मिलकर बात करेंगे। आज की तारीख तक, ‘इंडिया’ गठबंधन की किसी भी बैठक में नेतृत्व को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है।’’ अब्दुल्ला ने आलोचकों को चुनौती देते हुए राहुल गांधी के प्रति अपना समर्थन जताया और सवाल किया कि विपक्ष के नेता से और क्या अपेक्षा की जाती है। राहुल गांधी की प्रभावशीलता के मुद्दे पर अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘मुझे बताइए, भाजपा का मुकाबला करने में राहुल गांधी में क्या कमी है?’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘वह (राहुल) लगातार भाजपा को निशाना बनाते रहे हैं, हमेशा भाजपा का विरोध करते हैं और हर मुद्दे पर सरकार पर प्रहार करते हैं।” अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘यही नेता प्रतिपक्ष का काम है। आप राहुल गांधी से और क्या चाहते हैं?’’
यह स्वीकार करते हुए कि कभी-कभी कांग्रेस को चुनाव में सफलता नहीं मिलती, नेकां नेता ने तर्क दिया कि ‘इंडिया’ गठबंधन का काम सरकार को घेरना और भाजपा का विरोध करना है। अब्दुल्ला ने सवाल किया, ‘‘इस संदर्भ में, क्या कोई मुझे बता सकता है कि राहुल गांधी में क्या कमी है?’