राजनीतिक रूप से मानसिक दवाब था, इसलिए दिया इसतीफा : देवलीना

देवलीना विश्वास ने बोराे चेयरपर्सन पद से इस्तीफा दिया, कहा : कुर्सी नहीं चाहिए, मानसिक शांति जरूरी है
राजनीतिक रूप से मानसिक दवाब था, इसलिए दिया इसतीफा : देवलीना
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सबिता, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : बंगाल की राजनीति में हलचल तेज है। कई लोगों ने अपने पदों से इस्तीफा भी दिया है। इसी बीच कोलकाता नगर निगम के बोरो नंबर 9 की चेयरपर्सन पद से देवलीना विश्वास ने इस्तीफा दे दिया। तृणमूल कांग्रेस की देवलीना ने कहा कि उन्होंने अपना इस्तीफा केएमसी की चेयरपर्सन माला राय को सौंपा है। यह पूछे जाने पर कि उन्होंने पद से इस्तीफा क्यों दिया है, इसके जवाब में देवलीना ने कहा कि राजनीतिक रूप से मानसिक दवाब था जो अब बर्दाश्त के बाहर हो गया था। गत रात से भी उनके पास कई फोन आ रहे थे। तब मैंने फैसला लिया कि कुर्सी नहीं चाहिए, मानसिक शांति जरूरी है। इसलिए मैंने इस्तीफा देने का फैसला लिया है। अब मैं सिर्फ पार्षद के रूप में काम करूंगी। राजनीतिक हलकों में इस इस्तीफे को विशेष महत्व दिया जा रहा है, क्योंकि तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी को उनके निर्वाचन क्षेत्र भवानीपुर विधानसभा में हार का सामना करना पड़ा है।

सामने आए इस्तीफा पत्र से पता चलता है कि कोलकाता निगम के वार्ड नंबर 74 की पार्षद और बोरो 9 की चेयरपर्सन देवलीना ने 19 मई को हस्तलिखित त्यागपत्र प्रस्तुत किया था। वहां उन्होंने लिखा कि वह बोरो कमेटी की अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे रही हैं और सामान्य पार्षद के रूप में काम करती रहेंगी। उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि उनका इस्तीफा तुरंत स्वीकार किया जाए। तृणमूल सूत्रों के अनुसार, देवलीना ने भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में पार्टी की करारी हार के कारण यह निर्णय लिया है। गौरतलब है कि 4 मई को घोषित विधानसभा चुनाव परिणामों में ममता बनर्जी भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी से 15,105 वोटों से हार गईं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, देवलीना ने नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

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